नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के प्रमुख सदस्य अमन भैंसवाल को बुधवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के समन्वय से चलाए गए एक अभियान के तहत अमेरिका से निर्वासन के बाद भारत वापस लाया गया और दिल्ली हवाई अड्डे पर उसे हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि भैंसवाल के खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी था।
आधिकारिक बयान के अनुसार, गैंगस्टर अमन कुमार उर्फ अमन भैंसवाल हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में गोलीबारी, हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और अवैध हथियार संबंधी गतिविधियों से जुड़े मामलों में कथित तौर पर संलिप्त था। अभियोजन से बचने के प्रयास में वह जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके विदेश भाग गया था।
सीबीआई ने हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर भैंसवाल के खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस प्राप्त किया था।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘आरोपी एक कुख्यात अपराधी और संगठित आपराधिक गिरोह (लॉरेंस बिश्नोई गिरोह) का प्रमुख सदस्य है। उसे पहले भारत में गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत मिल गई थी। हालांकि, उस पर मुकदमा नहीं चला और बाद में वह फरार हो गया।’’
इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर भैंसवाल का पता अमेरिका में लगाया गया। अधिकारी ने कहा, ‘‘उसे अमेरिका से सफलतापूर्वक निर्वासित करा दिया गया और वह सात जनवरी, 2026 को भारत लाया गया। उसे दिल्ली हवाई अड्डे पर हरियाणा पुलिस की एक टीम ने हिरासत में ले लिया।’’
गुरुग्राम पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के एक अधिकारी ने बताया कि हरियाणा और दिल्ली में उसके खिलाफ 10 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से छह मामले विदेश जाने से पहले दर्ज किए गए थे।
एसटीएफ के आईजी बी सतीश बालन ने बताया कि भैंसवाल को दो महीने पहले अमेरिका में हिरासत में लिया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘सोनीपत के गोहाना सदर पुलिस थाने में गैंगस्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पासपोर्ट अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया, इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) प्राप्त किया गया और उसे औपचारिक रूप से भगोड़ा घोषित कर दिया गया।’’
पुलिस ने कहा कि भैंसवाल ने एक आपराधिक गिरोह का संचालन किया जो सोनीपत, रोहतक, झज्जर और राष्ट्रीय राजधानी तक फैला हुआ था और उसके रोहित गोदारा गिरोह से भी संबंध थे।
भाषा संतोष वैभव
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