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Monday, 7 September, 2026
होमदेशसत्या निकेतन में ढही 50 साल पुरानी इमारत थी 75 बेड का PG, ‘ग्राउंड फ्लोर पर चल रही थी मरम्मत’

सत्या निकेतन में ढही 50 साल पुरानी इमारत थी 75 बेड का PG, ‘ग्राउंड फ्लोर पर चल रही थी मरम्मत’

सत्य निकेतन में रहने वाले DU साउथ कैंपस के एक छात्र ने बताया कि बिल्डिंग के मालिक ने पहले छात्रों को फ़्लैट किराए पर दिए थे और हाल ही में इसे एक प्राइवेट PG ऑपरेटर को सौंप दिया है.

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नई दिल्ली: दिल्ली के साउथ कैंपस के सैकड़ों छात्रों के रहने वाले इलाके सत्य निकेतन में छह मंजिला इमारत के मलबे में बैग, नोटबुक और पेन बिखरे हुए हैं. इमारत गिरने की जगह पर बचाव अभियान जारी है. दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने बताया कि शुक्रवार शाम तक कम से कम आठ छात्रों को बचाया गया था.

बचाए गए आठ लोगों में से दो को AIIMS ट्रॉमा सेंटर में पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया, जबकि तीसरे की रविवार शाम बाद में चोटों के कारण मौत हो गई. अभी तक घटना में 7 लोगों की मौत हो चुकी है.

यह घटना दक्षिणी दिल्ली के महरौली में एक PG के तौर पर चल रही इमारत गिरने के कुछ महीनों बाद हुई है. उस हादसे में कम से कम छह लोगों की मौत हुई थी और आठ अन्य घायल हुए थे.

मामले की जानकारी रखने वाले दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रविवार को दोपहर 1:34 बजे PCR कॉल के जरिए दिल्ली पुलिस को सत्य निकेतन में इमारत गिरने की जानकारी मिली. उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और DDMA की टीमें, फायर टेंडर और CATS एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया.”

Rescuers pulling out a man from under the debris of the six-storey building in Satya Niketan on 6 September, 2026 | ThePrint
6 सितंबर, 2026 को सत्य निकेतन में छह मंजिला इमारत के मलबे से एक व्यक्ति को बाहर निकालते बचावकर्मी | दिप्रिंट

स्थानीय लोगों ने दिप्रिंट को बताया कि यह इमारत कम से कम पांच दशक पुरानी थी और इसमें 75 बेड की क्षमता वाला PG था.

इलाके के एक दूसरे PG में रहने वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी साउथ कैंपस के दूसरे साल के छात्र अभिषेक ने कहा, “इमारत पहले से ही एक तरफ झुक गई थी और इसके बावजूद ग्राउंड फ्लोर पर निर्माण का काम चल रहा था.”

अभिषेक ने द प्रिंट को बताया कि इमारत के मालिक पहले छात्रों को फ्लैट किराए पर देते थे और हाल ही में इसे एक PG चलाने वाले को सौंप दिया था. उन्होंने कहा, “एक साल पहले मेरे दोस्त को यह कहकर फ्लैट खाली करने के लिए कहा गया था कि इमारत की मरम्मत की जाएगी. इसके कुछ समय बाद इसे एक निजी PG संचालक को सौंप दिया गया.”

उन्होंने यह भी कहा कि मरम्मत की जरूरत होने के बावजूद इमारत को रातोंरात एक निजी PG में बदल दिया गया और किराया बहुत बढ़ गया. उन्होंने कहा, “जब ग्राउंड फ्लोर की मरम्मत हो रही थी, तब इमारत पहले से ही झुकी हुई थी, लेकिन उन्होंने काम नहीं रोका.”

Site of the building collapse in Satya Niketan, New Delhi, on 6 September, 2026 | ThePrint
6 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की जगह | दिप्रिंट

सत्य निकेतन के स्थानीय निवासी यश चौधरी जब मौके पर पहुंचे, तब तक इमारत गिर चुकी थी. उन्होंने कहा, “हमने लोगों को चिल्लाते और मदद के लिए रोते हुए सुना. उस समय वहां बहुत कम पुलिसकर्मी थे, इसलिए हम सभी ने मलबा हटाना शुरू कर दिया. एक छात्र फंसा हुआ दिखा, उसका सिर तकिए पर टिका हुआ था और उसके कानों से खून बह रहा था.”

चौधरी और दूसरे स्थानीय लोगों ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर मलबे के नीचे से कई छात्रों को बाहर निकाला. इसके बाद DFS और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं.

एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा कि रविवार होने की वजह से कई छात्र अपने कमरों में थे. उन्होंने कहा, “अगर यह कामकाजी दिन होता तो ये छात्र अपने कॉलेज में क्लास कर रहे होते, लेकिन मुझे डर है कि उनमें से बहुत से छात्र घर पर थे और फंसे हुए हैं.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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