कोलकाता, तीन अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल में कूच बिहार ज़िले की मथाभंगा सीट से भाजपा उम्मीदवार निसीथ प्रामाणिक के खिलाफ हत्या और दंगा भड़काने समेत 16 आपराधिक मामले लंबित हैं। यह जानकारी उनके चुनावी हलफनामे में दी गई है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रामाणिक को किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है।
विपक्षी दल भाजपा ने दावा किया कि प्रामाणिक के खिलाफ आपराधिक मामले मनगढ़ंत हैं और ये ममता बनर्जी सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से दर्ज किए हैं।
मथाभंगा थाने में 2020 में उनके खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मामले में, भाजपा उम्मीदवार पर हत्या और जानलेवा हथियारों से लैस होकर दंगा करने का आरोप लगाया गया है।
चालीस-वर्षीय प्रामाणिक 2021 से 2024 तक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री रहे। उन्होंने 2024 में कूच बिहार लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर दोबारा चुनाव लड़ा, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार से हार गए।
उनके खिलाफ़ पिछला आपराधिक मामला मार्च 2024 में दर्ज किया गया था, जिसमें उन पर डकैती की तैयारी करने, इसके लिए इकट्ठा होने और अवैध हथियार रखने का आरोप लगाया गया था।
हलफनामे के अनुसार, 16 मामलों में से 11 मामले 2018 और 2024 के बीच, तथा बाकी मामले 2009 और 2014 के बीच दर्ज किए गए थे।
वर्ष 2018 में तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित किए जाने के बाद, 2019 में वह भाजपा में शामिल हो गए थे।
भाजपा के कूच बिहार ज़िले के एक पदाधिकारी ने दावा किया कि प्रामाणिक के ख़िलाफ़ दर्ज आपराधिक मामले मनगढ़ंत हैं और तृणमूल सरकार की राजनीतिक बदले की भावना का नतीजा हैं।
उन्होंने कहा कि प्रामाणिक के खिलाफ ज़्यादातर मामले तब दर्ज किए गए, जब वह तृणमूल कांग्रेस से संबंध तोड़ने के बाद भाजपा में शामिल हो गए।
भाषा नेत्रपाल सुरेश
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