भुवनेश्वर, 24 मार्च (भाषा) ओडिशा के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंगखुंटिया ने मंगलवार को राज्य विधानसभा को बताया कि पिछले 10 वर्षों में ओडिशा में 176 खनन परियोजनाओं के लिए 14,433 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि का उपयोग किया गया है।
मंत्री ने विधायक सोफिया फिरदौस के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि इस अवधि के दौरान क्षतिपूर्ति पौधारोपण (सीए) उद्देश्यों के लिए वन विभाग के पक्ष में 11,214 हेक्टेयर से अधिक भूमि हस्तांतरित और परिवर्तित की गई है, जिसमें से 4,228 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर सीए पौधारोपण किया गया है।
मंत्री ने कहा कि विभाग के राउरकेला सर्कल में सबसे अधिक 8,676 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग किया गया, जबकि अंगुल सर्कल में 3,794 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग किया गया।
इसके अलावा, पिछले एक दशक के दौरान कोरापुट सर्किल में 492 हेक्टेयर, बारीपदा सर्किल में 470 हेक्टेयर और संबलपुर सर्किल में 0.073 हेक्टेयर वन भूमि को खनन परियोजनाओं के लिए स्थानांतरित कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर, भवानीपटना और ब्रह्मपुर सर्किल में खनन गतिविधियों के लिए किसी भी वन भूमि का उपयोग नहीं किया गया है।
भाषा
शुभम नरेश रंजन
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