नागपुर, 14 जनवरी (भाषा) नागपुर जिले के रामटेक कस्बे में मृत मानी जा रही 103 वर्षीय गंगाबाई सावजी सखारे अंतिम संस्कार से कुछ घंटे पहले अपनी उंगलियां हिलाने लगीं, जिससे उनके जीवित होने के लक्षण दिखाई दिए और परिजन हैरान रह गए।
यह घटना सोमवार की है। उनके परिजनों के अनुसार, गंगाबाई दो महीने से बिस्तर पर थीं और पिछले कुछ दिनों से प्रतिदिन केवल दो चम्मच पानी पीकर ही जीवित थीं।
परिवार ने बताया कि 12 जनवरी को शाम करीब पांच बजे उनके शरीर ने कोई भी प्रतिक्रिया देना बंद कर दिया, जिसके बाद उन्हें मृत मान लिया गया और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई।
घर के बाहर शामियाना लगाया गया, कुर्सियां लगाईं गईं, अंतिम संस्कार की सामग्री जुटाई गई और शव वाहन भी बुक किया गया। मृत होने की सूचना सोशल मीडिया पर साझा की गई और दूर-दूर से रिश्तेदार आने लगे।
हालांकि, शाम करीब सात बजे गंगाबाई ने अचानक अपने पैर की उंगलियां हिलाईं।
उनके पोते राकेश सखारे ने कहा, ‘‘मैंने उनके पैर हिलते देखे और मदद के लिए चिल्लाया। जब हमने उनकी नाक से रुई हटाई, तो उन्होंने जोर-जोर से सांस लेना शुरू कर दिया।’’
रोचक बात यह है कि 13 जनवरी गंगाबाई का जन्मदिन है।
राकेश ने कहा, ‘‘इस घटना ने उन्हें (गंगाबाई को) नया जीवन दिया है।’’
भाषा यासिर खारी
खारी
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