नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने सोमवार को उत्तर पश्चिमी दिल्ली के जीटीबी नगर में एक घर से 13 वर्षीय एक अनाथ लड़की को मुक्त कराया। पीड़िता के साथ अमानवीय बर्ताव किया जा रहा था और उसे घरेलू सहायिका के रूप में काम करने को मजबूर किया गया था। आयोग ने एक बयान में यह जानकारी दी।
आयोग ने बताया कि उसे अपनी ‘हेल्पलाइन 181’ पर एक अज्ञात स्रोत के माध्यम से सूचना मिली। उसने बताया कि फोन करने वाले ने कहा कि लड़की से दुर्व्यवहार किया जा रहा है और परिवार उसे हर दिन पीटता है।
बयान के अनुसार सूचना मिलने पर, डीसीडब्ल्यू की एक टीम पुलिस के साथ लड़की को मुक्त कराने के लिए तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन उसे परिवार के विरोध का सामना करना पड़ा जो मामले को छिपाने की कोशिश कर रहा था।
बयान में कहा गया है कि उत्तराखंड की रहने वाली लड़की ने आयोग को सूचित किया कि उसकी दो बहन हैं और उसे पिछले चार साल से बिना किसी भुगतान के दिल्ली में घरेलू सहायिका के रूप में काम करने के लिए मजबूर किया गया था।
बयान के मुताबिक आयोग दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजकर मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।
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