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Monday, 13 January, 2025
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एम्स-ऋषिकेश में अनियमितताओं के मामले में सीबीआई ने 24 स्थानों पर छापेमारी की

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देहरादून/ऋषिकेश, 22 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने ऋषिकेश-एम्स में खरीद और प्राप्ति प्रक्रिया तथा निविदाओं के आवंटन में कथित अनियमितताओं के मामले में शुक्रवार को यहां अस्पताल परिसर सहित कुल 24 स्थानों पर छापेमारी की।

सड़क साफ करने की मशीन की खरीद तथा अस्पताल परिसर में दवा की दुकान स्थापित करने के लिए निविदा आवंटन में नियम-कानूनों के उल्लंघन के दो अलग-अलग मामलों में सीबीआई ने एम्स-ऋषिकेश के तत्कालीन अधिकारियों सहित 10 से ज्यादा व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए हैं।

सीबीआई ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)-ऋषिकेश परिसर तथा इसके बाहर कई स्थानों पर छापेमारी की और पूर्व निदेशक रविकांत के 2017 से 2021 के कार्यकाल के दौरान कथित अनियमितताओं से संबंधित कई अहम जानकारियां हासिल कीं।

जांच एजेंसी ने आरोपियों-तत्कालीन प्रोफेसर बृजेन्द्र सिंह, अतिरिक्त प्रोफेसर बलराम ओमर, तत्कालीन उपचिकित्सा अधीक्षक अनुभा अग्रवाल, तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी शशिकांत तथा तत्कालीन लेखाधिकारी दीपक जोशी के आवास के अलावा एम्स परिसर में स्थित त्रिवेणी सेवा फार्मेसी पर छापेमारी की।

एम्स-ऋषिकेश के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने परिसर में सीबीआई के छापे की पुष्टि की।

सीबीआई की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, एम्स-ऋषिकेश में सड़क साफ करने वाली मशीन की खरीद में केंद्र सरकार के नियमों के उल्लंघन तथा दवा की दुकान स्थापित करने में अनियमितताओं के आरोप में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में उत्तराखंड के अलावा, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली सहित 24 अलग-अलग स्थानों पर एजेंसी द्वारा तलाशी ली जा रही है। दोनों मामलों में जांच चल रही है।

विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी लोकसेवकों ने सरकार के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर फर्जी आधार पर प्रतिष्ठित बोलीकर्ताओं को प्रक्रिया से बाहर कर दिया और महत्वहीन कंपनियों को अनुमति दी। आरोपियों ने कथित तौर पर अपराध के महत्वपूर्ण सबूतों को गायब भी कर दिया और इस तरह से एम्स को सड़क साफ करने वाली मशीन की खरीद में 2.41 करोड़ रुपये तथा दवा की दुकान स्थापित करने में हुए गलत ​निविदा आवंटन से करीब दो करोड़ रुपये की हानि हुई।

मशीन खरीद के संबंध में सीबीआई द्वारा जिन लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उनमें ओमर, डॉक्टर बृजेंद्र सिंह, डॉक्टर अनुभा अग्रवाल, शशिकांत, दीपक जोशी, दिल्ली स्थित निजी फर्म प्रो मेदिक डिवाइसेस के मालिक पुनीत शर्मा तथा अज्ञात सरकारी कर्मचारी और निजी व्यक्ति शामिल हैं।

दवा की दुकान के मामले में दिल्ली के शाहदरा स्थित त्रिवेणी सेवा फार्मेसी, इसमें साझेदार पंकज शर्मा और शुभम शर्मा तथा अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

भाषा दीप्ति सं दीप्ति

दीप्ति नेत्रपाल

नेत्रपाल

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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