सतना (मप्र), 24 अप्रैल (भाषा) जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में दो दिन पहले शहीद हुए सीआईएसएफ के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) शंकर प्रसाद पटेल (58) का अंतिम संस्कार रविवार को मध्य प्रदेश के सतना जिले स्थित उनके पैतृक गांव नौगवां में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
पटेल के बड़े पुत्र संजय ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के सेंट्रल सेक्टर भिलाई के महानिरीक्षक संजय प्रकाश, सीआईएसएफ सेंट्रल जोन के उप महानिरीक्षक हिमांशु पांडे और अखिल भारतीय आतंकवाद निरोधक मोर्चे के प्रमुख मनिंदरजीत सिंह बिट्टा सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।
अंतिम संस्कार में वहां मौजूद लोग ‘जब तक सूरज चंद रहेगा, शंकर तेरा नाम रहेगा’ के नारे लगा रहे थे।
शहीद को अंतिम विदाई देते वक्त लोगों की आंखें नम थीं।
पटेल के परिवार में उनकी पत्नी लक्ष्मीबाई और दो बेटे संजय व सुरेंद्र हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, ‘‘वीर सपूत शंकर प्रसाद पटेल के परिवार को एक करोड़ रुपये की सम्मान निधि दी जाएगी। परिवार से चर्चा करके उसके एक सदस्य को शासकीय सेवा में लिया जाएगा।’’
शिवराज ने कहा कि पटेल की प्रतिमा उपयुक्त स्थान पर लगाई जाएगी और किसी संस्थान का नाम उनके नाम पर रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “वीर सपूत शंकर केवल एक परिवार के बेटे नहीं हैं, पूरे प्रदेश व देश के बेटे हैं। उनके परिवार के साथ पूरा प्रदेश और देश खड़ा है।”
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अमर शहीद शंकर प्रसाद पटेल के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं। उन्होंने असाधारण शौर्य का प्रदर्शन किया। जम्मू में दो आंतकवादियों को मार गिराया और फिर लड़ते-लड़ते अपने कर्तव्य की बलिवेदी पर भारत माता के चरणों में सर्वस्व बलिदान कर दिया।’’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्धारित दौरे के दो दिन पहले शुक्रवार तड़के जम्मू के बाहरी इलाके में सेना के एक शिविर के पास हुई मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो पाकिस्तानी आत्मघाती हमलावर मारे गए थे, जबकि सीआईएसएफ जवान पटेल शहीद हो गए थे।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एएसआई श्याम सिंह के अनुसार, पटेल पहले भिलाई में तैनात थे और अपनी यूनिट के साथ 18 अप्रैल को ही जम्मू गए थे।
भाषा
रावतरावत रावत पारुल
पारुल
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
