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Saturday, 7 March, 2026
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भारत-वियतनाम के बीच मित्रता, सहयोग की लंबी परंपरा संबंधों की परिपक्वता को दर्शाता है : बिरला

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नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसदीय आदान-प्रदान को द्विपक्षीय संबंधों की आधारशिला बताया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति में बदलाब के बाबजूद भारत-वियतनाम के बीच मित्रता और सहयोग की लंबी परंपरा संबंधों की परिपक्वता को दर्शाता है।

लोकसभा सचिवालय के बयान के अनुसार, बिरला के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल तीन दिवसीय वियतनाम यात्रा पर गया है । लोकसभा अध्यक्ष ने आज हो ची मिन्ह शहर के कम्यूनिस्ट पार्टी के सचिव नग्युएन वान नेन से मुलाकात की ।

उन्होंने कहा कि भारत और वियतनाम अपने राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मना रहे हैं, यह संबंधों को और विकसित करने और द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने का एक अवसर है।

बिरला ने कहा, ‘‘ दोनों देश समान चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और समान विकास संबंधी दृष्टिकोण साझा करते हैं । ऐसे में जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, स्वास्थ्य देखभाल और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और विस्तारित किया जाना चाहिए।’’

रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए बिरला ने कहा कि रक्षा उद्योग, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों और संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना जैसे क्षेत्रों में बढ़ते रक्षा सहयोग ने द्विपक्षीय संबंधों को काफी गति प्रदान की है।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि द्विपक्षीय रक्षा संबंध हमारे हिंद-प्रशांत क्षेत्र की शांति और स्थिरता बनाए रखने में एक प्रमुख भूमिका निभाएंगे।

बयान के अनुसार, वैन नेन ने कोविड महामारी के दौरान वियतनाम को भारत के समर्थन और टीकों, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति की सराहना की।

इसमें कहा गया है कि वैन नेन ने बिरला से हो ची मिन्ह शहर और भारत के बीच सीधी उड़ान शुरू करने की दिशा में प्रयास करने का भी अनुरोध किया। बिरला ने आश्वासन दिया कि वह भारत सरकार को उनकी भावना से अवगत कराएंगे।

भाषा दीपक दीपक उमा

उमा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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