डिब्रूगढ़ (असम), 28 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार रोगग्रस्त लोगों, विशेष रूप से कैंसर पीड़ितों को सर्वश्रेष्ठ और सबसे सस्ता उपचार प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
असम में सात कैंसर उपचार केंद्रों का उद्घाटन और सात अन्य की आधारशिला रखने के बाद डिब्रूगढ़ में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि वह नहीं चाहते कि कोई बीमार पड़े, लेकिन यदि ऐसा होता है तो हमने बिना आर्थिक बोझ के उनके सर्वश्रेष्ठ उपचार के लिए अस्पताल बनाये हैं।
उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब सात साल में एक अस्पताल बनाना बड़ी उपलब्धि होती थी लेकिन समय बदल गया है और एक ही दिन में सात कैंसर अस्पतालों का उद्घाटन किया गया है, वहीं तीन और अगले कुछ महीने में तैयार होंगे।
मोदी ने कहा, ‘‘मैं सभी के लिए अच्छी सेहत की प्रार्थना करता हूं और नहीं चाहता कि कोई अस्पताल जाए। अगर अस्पताल खाली रहेंगे, तो मुझे खुशी होगी।’’
उन्होंने कहा कि न केवल असम में बल्कि पूरे उत्तर पूर्व में बड़ी संख्या में लोगों को कैंसर हो रहा है और जो इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित हैं, वे गरीब और मध्यम वर्ग के लोग हैं। मोदी ने कहा कि पहले लोगों को इलाज के लिए राज्य के बाहर जाना पड़ता था और उन पर बहुत आर्थिक बोझ पड़ता था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले पांच-छह साल में पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, उनके बाद मुख्यमंत्री बने हिमंत बिस्व सरमा और टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष रतन टाटा ने कैंसर रोगियों को प्रभावी उपचार प्रदान करने के लिए असम कैंसर केयर फाउंडेशन (एसीसीएफ) बनाने की पहल की।
एसीसीएफ राज्य सरकार और टाटा ट्रस्ट्स का संयुक्त उपक्रम है।
मोदी ने कहा, ‘‘यह मानवता की उत्कृष्ट सेवा है और मैं इस पहल के लिए उनका आभार जताता हूं।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र ने इस साल के केंद्रीय बजट में उत्तर पूर्व क्षेत्र के लिए चिह्नित 1500 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज में कैंसर उपचार पर भी ध्यान केंद्रित किया है क्योंकि यह बीमारी कैंसर रोगियों के परिवारों की माली हालत को बिगाड़ देती है और कई लोगों को कर्ज लेना पड़ता है।
उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग लागत की वजह से इलाज के लिए नहीं जाते और हम ऐसा नहीं होने दे सकते। कैंसर की समय पर पहचान और उसका सस्ता उपचार मिलना चाहिए।’’
प्रधानमंत्री ने बताया कि कैंसर रोगियों को ‘जन औषधि’ योजना के तहत आधे दाम पर दवाएं मिलेंगी।
मोदी ने कहा कि सरकार का ध्यान नागरिकों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने पर है जिसमें योग, फिटनेस, स्वच्छता जैसे पहलू शामिल हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं नजदीक में मिलनी चाहिए और इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार बड़े शहरों में उपचार कराने की बाध्यता को भी कम करने के लिए प्रतिबद्ध है और स्वास्थ्य अवसंरचना में निवेश बढ़ाया गया है।
मोदी ने कहा, ‘‘2014 से पहले देश में केवल सात एम्स थे, लेकिन अब 16 नये एम्स बनाये गये हैं जिनमें एक गुवाहाटी (असम) में है। पहले केवल 387 मेडिकल कॉलेज थे लेकिन अब इनकी संख्या 600 हो गई है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले 10 साल में डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी और एमबीबीएस तथा पीजी पाठ्यक्रम में 70,000 नयी सीटों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा मातृभाषा या स्थानीय भाषा में भी दी जाएगी ताकि गरीबों के बच्चे भी डॉक्टर बनें।
मोदी ने यहां असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डिब्रूगढ़ कैंसर सेंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने डिजिटल तरीके से बारपेटा, तेजपुर, जोरहाट, लखीमपुर, कोकराझार और दरांग में भी ऐसे छह केंद्रों का उद्घाटन किया।
मोदी ने धुबरी, गोलपाड़ा, गोलाघाट, शिवसागर, नलबारी, नागांव और तिनसुकिया में सात कैंसर अस्पतालों की आधारशिला भी रखी।
भाषा वैभव पवनेश
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