प्रो. जीडी अग्रवाल फोटो: विशेष व्यवस्था द्वारा
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गंगा को निर्मल बनाने की मांग कर रहे पर्यावरणविद ने 112 दिनों के आमरण अनशन के बाद ​ऋषिकेश के एम्स में अंतिम सांस ली.

नई दिल्ली: गंगा को बचाने के लिए लंबे समय से आंदोलन कर रहे पर्यावरणविद प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद का बुधवार को निधन हो गया. वे गंगा को बचाने के लिए 22 जून से आमरण अनशन पर थे. पिछले 112 दिनों से अनशन कर रहे प्रो. अग्रवाल ने पानी पीना भी छोड़ दिया था.

समाचार एजेंसी एएनआई ने खबर दी है, ’22 जून से आमरण अनशन कर रहे जीडी अग्रवाल नहीं रहे. वे सरकार से मांग कर रहे ​थे कि गंगा को निर्मल बनाया जाए. ऋषिकेश के एम्स अस्पताल में हृदय गति रुकने के चलते उन्होंने अंतिम सांस ली.’ एनडीटीवी, एबीपी आदि न्यूज चैनलों ने भी उनके निधन की खबर दी है.

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने ट्वीट किया, ‘हमारे अग्रणी पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल 109 दिनों से गंगा बचाने के लिए अनशन पर थे. कल उन्हें पुलिस ने जबरन अस्पताल में भर्ती कराया था. उनकी गंगा बचाने की अपील मोदी के बहरे कानों में समा गई. वे आज नहीं रहे. उन्हें शांति मिले. यह दुनिया पवित्र आत्माओं के लिए नहीं है.’

प्रो. अग्रवाल कई वर्षों से गंगा में अवैध खनन, गंदगी और बड़े बांध कर उसकी पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचाने के खिलाफ आंदोलन करते रहे हैं. आईआईटी में प्रो. रह चुके अग्रवाल ने बाद में अपना नाम स्वामी सानंद रख लिया था और अपना जीवन गंगा को बचाने के लिए समर्पित कर दिया था. दुर्भाग्य से उनकी आवाज न पहले की सरकारों ने ही सुनी, न ही गंगा को चुनावी मुद्दा बनाने वाली मौजूदा सरकार ने ही सुनी. गंगा के लिए वर्षों से एक बुलंद आवाज आखिर खामोश हो गई.


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