Saturday, 21 May, 2022
होमशासनसरकार नहीं मांग रही है रिजर्व बैंक से 3.6 लाख करोड़ रुपये: आर्थिक मामलों के सचिव

सरकार नहीं मांग रही है रिजर्व बैंक से 3.6 लाख करोड़ रुपये: आर्थिक मामलों के सचिव

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रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया और केंद्र सरकार के बीच चल रही तनातनी के बाद अब सरकार ने साफ किया है कि वह भारतीय रिजर्व बैंक से 3.6 लाख करोड़ रुपये की मांग नहीं कर रही है.

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार में चल रही तनातनी की खबरों के बीच शुक्रवार को आर्थिक मामले के सचिव एससी गर्ग ने साफ किया कि सरकार आरबीआई से 3.6 लाख करोड़ रुपये की मांग नहीं कर रही है. बल्कि केवल आरबीआई की आर्थिक पूंजी ढांचा (इकनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क) तय करने के बारे में चर्चा कर रही है.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक गर्ग ने कहा, ‘मीडिया में गलत जानकारी के साथ कई अटकलें लगाई जा रही हैं. राजस्व को लेकर सरकार का आकलन पूरी तरह से सही है. आरबीआई से 3.6 लाख करोड़ या एक लाख करोड़ रुपये मांगने संबंधी कोई प्रस्ताव नहीं है.’

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उन्होंने कहा, ‘वर्ष 2013-14 में सरकार का राजकोषीय घाटा जीडीपी के 5.1 प्रतिशत के बराबर था. उसके बाद से सरकार इसमें लगातार कमी करती आ रही है. वित्त वर्ष 2018-19 के अंत में राजकोषय घाटे को 3.3 प्रतिशत तक सीमित कर देंगे. सरकार इस साल के बजट में बाजार से कर्ज लेने के लक्ष्य में स्वयं ही 70,000 करोड़ रुपये की कटौती कर चुकी है. सरकार केवल केंद्रीय बैंक की आर्थिक पूंजी व्यवस्था तय करने के बारे में चर्चा कर रही है.’

गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 6 नवंबर को इंडियन एक्सप्रेस की खबर को ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक नीतियों पर तंज कसा था. राहुल ने कहा था कि प्रधानमंत्री को अपने विलक्षण आर्थिक ज्ञान के कारण फैली अव्यवस्था को ठीक करने के लिए अब रिजर्व बैंक से 3.60 लाख करोड़ रुपये की बड़ी राशि की जरूरत पड़ गई है.

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