चक्रवाती तूफान ‘तितली’ को लेकर ओडिशा, आंध्र में अलर्ट

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चक्रवाती तूफान​ तितली ने ओडिशा में दस्तक दे दी है. (फोटो: पीटीआई)

ओडिशा के 5 जिलों को खाली करने का आदेश, बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए गए. बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी. 

नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी के ऊपर उठे चक्रवाती तूफान ने ओडिशा में अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है.  ओडिशा के गोपालपुर में गुरुवार को 126 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ तूफान तितली ने दस्तक दी है. हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.

ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचे तूफान के कारण तेज हवाएं चल रही हैं. ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बंगाल में अलर्ट जारी किया गया है. तूफान से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए अलग अलग जगहों पर एनडीआरएफ की 18 टीमों को लगाया गया है. ओडिशा में बुधवार को 5 जिलों को खाली करने का आदेश दे दिया गया था. लगभर तीन लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, आंध्र के गोपालपुर में 5 मछुआरों को उनकी नाव के साथ बचाया गया है. यहां पर आपदा प्रबंधन की तीन टीमें तैयार की गई हैं.

मौसम विभाग के अनुसार, तूफना तितली दक्षिणी ओडिशा -उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों को पार कर गया है जिससे ओडिशा के आठ जिलों गंजम, गजपति, खुर्दा, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रापड़ा, भद्रक और बालासोर में भारी बारिश हुई और कई पेड़ उखड़ गए. तीन लाख लोगों को यहां से सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ रहा है.

मौसम विभाग द्वारा चक्रवात तितली के गंभीर स्तर पर पहुंचने की सूचना देने के बाद मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इन पांच जिलों के जिला अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि कोई दुर्घटना ना घटे.

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ‘सरकारी एजेंसियां अलर्ट पर हैं. यह समय की मांग है कि हर कोई सामने आए. हमें विश्वास है कि सभी के सहयोग इस समस्या से निपट ​लेंगे.’

ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त बिष्णुपदा सेठी ने कहा कि अब तक गजपति जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. जिला मुख्यालय से मोहन और काशीनगर जैसे विभिन्न हिस्सों तक सड़क संचार बाधित हो गया है.

ओडिशा के बालासोर में 117 मिलीमीटर तक भारी बारिश हुई और पारादीप में 111 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. मौसम संबंधी भविष्यवाणी करने वाली कंपनी स्काईमेट ने कहा कि गोपालपुर, जहां चक्रवाती तूफान पहुंचा है, वहां अब तक 97 मिलीमीटर बारिश हुई है और इस क्षेत्र में भारी बारिश होने की आशंका है.

भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एचआर बिस्वास ने कहा, “तितली ओडिशा तट को दो से तीन घंटों में पार कर जाएगा.”

मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में जाने से मना कर दिया गया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि यह तूफान श्रीकाकुलम जिले के पलासा को सुबह 4.30 और 5.30 बजे के बीच पार कर गया. विस्थापितों के लिए कुल 1,112 राहत शिविर खोले गए हैं.

प्रभावित इलाकों में कुल 13 राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और नौ ओडिशा आपदा त्वरित प्रतिक्रिया बल (ओडीआरएएफ) की टीमें तैनात की गई हैं.

स्कूल, कॉलेज बंद

गंजम जिले में पहले ही जिला खाली करने की प्रक्रिया शुरू होने की समीक्षा करने के बाद पटनायक ने कहा कि सभी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों को 11-12 अक्टूबर को बंद रखा जाएगा. शिक्षक हालांकि ड्यूटी पर रहेंगे.

मुख्य सचिव आदित्य प्रसाद पधी ने कहा कि राज्य में 11 अक्टूबर को होने जा रहे छात्र संघ चुनावों को रद्द कर दिया गया है.

चक्रवात और इसके साथ भारी बारिश आने की संभावना के बीच सभी अधिकारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है. तूफान और बारिश से पूरे राज्य के चपेट में आने की संभावना है.

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा कि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात तितली गंभीर स्तर को छूते हुए ओडिशा-आंध्र प्रदेश के तटों की तरफ बढ़ रहा है.

मौसम विभाग ने कहा कि ओडिशा के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के कलिंगापत्तनम के बीच गुरुवार तड़के भूस्खलन होने की संभावना है.

अगले 18 घंटों में गुरुवार तड़के तक इसके बहुत गंभीर स्तर पर पहुंचने की भी संभावना है.

गंजम, गजपति, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, खुर्दा, नयागढ़, कटक, जाजपुर, भद्रक, बालासोर, कंधमाल, बौंध और ढेंकनल में गुरुवार तक तेज से मूसलाधार बारिश होने की संभावना है.

मुख्य सचिव ने कहा कि अब तक राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के 10 दल और ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ओडीआरएएफ) के आठ दल विभिन्न तटीय और आंतरिक जिलों में तैनात किए जा चुके हैं.

विशेष राहत आयुक्त विशुनपाड़ा सेठी ने जिलों को ज्यादा से ज्यादा लोग रखने के लिए 836 बहुद्देशीय शिविरों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं.

बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को अगले चार दिनों में चक्रवाती तूफान की वजह से दक्षिण बंगाल के छह जिलों में तेज हवा चलने और गरज के साथ तेज बारिश की चेतावनी जारी की है. यहां बारिश की वजह से पूरे प्रदेश में दुर्गा पूजा की तैयारियों में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है. चक्रवाती तूफान ‘तितली’ बुधवार को बंगाल की खाड़ी के पास ‘काफी खतरनाक चक्रवाती तूफान’ का रूप ले रहा है और यह ओडिशा-आंध्रप्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है.

मौसम विभाग के अधिकारी ने कहा, “चक्रवाती तूफान मौजूदा समय में ओडिशा के गोपालपुर से दक्षिण-पूर्व दिशा में 240 किलोमीटर दूर है. इसके गुरुवार सुबह ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में पहुंचने की संभावना है और इसके बाद यह गांगेय पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ेगा.”

उन्होंने कहा कि मैदानी इलाकों में आने के बाद तूफान की तीव्रता लगातार कमजोर होती जाएगी.

अधिकारी ने कहा, “चक्रवाती तूफान की वजह से 10 अक्टूबर से 13 अक्टूबर के बीच पश्चिम बंगाल के जिलों में मध्यम दर्जे से लेकर भारी बारिश हो सकती है, जबकि तटीय जिलों जैसे पूर्व व पश्चिम मिदनापुर, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हुगली और हावड़ा में भारी बारिश होने की संभावना है.”

मौसम कार्यालय के अनुसार, कोलकाता और हावड़ा में 12 व 13 अक्टूबर को अत्यधिक बारिश हो सकती है. विभाग ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा के तटों और उत्तर और मध्य बंगाल की खाड़ी के गहरे समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को 13 अक्टूबर तक नहीं जाने की सलाह दी है.

अधिकारी ने कहा, “14 अक्टूबर से आसमान साफ रहेगा, जिसका मतलब है कि 15 से 19 अक्टूबर तक दुर्गा पूजा उत्सव में मौसम अच्छा रहेगा.”

मध्य प्रदेश और बिहार में भी असर

मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान का असर बिहार और मध्य प्रदेश में भी रह सकता है.

मौसम विभाग के अनुसार, “बिहार में अगले 24 से 48 घंटे के दौरान राज्य के कुछ क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रह सकते हैं.”

विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी की ओर सक्रिय चक्रवाती तूफान का आंशिक असर बिहार में भी देखने को मिल सकता है. इस दौरान कई इलाकों में गरज के साथ बारिश की संभावना है।

मध्य प्रदेश में भी मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है. विभाग के अनुसार, ओडिशा में आए तूफान के चलते राज्य में भी बादल छा सकते हैं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.

(समाचार एजेंसी आईएएनएस से इनपुट के साथ)

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