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Thursday, 19 February, 2026
होमफीचर'उसके UK एडमिशन की खुशी मनाने की उम्मीद थी, अब इंसाफ चाहती हूं' —द्वारका हादसे के शिकार की मां

‘उसके UK एडमिशन की खुशी मनाने की उम्मीद थी, अब इंसाफ चाहती हूं’ —द्वारका हादसे के शिकार की मां

23 साल के साहिल धनुषरा की मौत उनकी मोटरसाइकिल और एक SUV के बीच टक्कर में हो गई, जिसे कथित तौर पर एक बिना लाइसेंस वाला 17 साल का लड़का चला रहा था.

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नई दिल्ली: 23 साल के साहिल धनुषरा के बेडरूम की दीवारों पर मेडल गर्व से टंगे थे. मोटिवेशनल स्लोगन लिखे थे, “वे फर्स्ट क्लास में उड़ना चाहते हैं, मैं प्लेन का मालिक बनना चाहता हूं”, और “2025 मेरा 10,00,000 डॉलर का साल होगा.” दीवार पर “DREAM” शब्द बड़े अक्षरों में हाथ से लिखा था, जिसमें D का मतलब Discipline बताया गया था, जबकि बाकी अक्ष अभी अधूरे थे — जिन्हें वह अपने लक्ष्यों के करीब पहुंचते हुए पूरा करना चाहता था.

साहिल ने अपने द्वारका वाले घर में अपना कमरा ऐसे ही छोड़ा था—एक ऐसी जगह जो महत्वाकांक्षा, अधूरे सपनों और उम्मीदों से भरे भविष्य से भरी थी—इससे पहले कि एक तेज रफ्तार एसयूवी ने उसके सपनों को दुखद अंत तक पहुंचा दिया.

3 फरवरी को द्वारका में लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के पास उसकी मोटरसाइकिल और एक एसयूवी की टक्कर हो गई, जिसे कथित तौर पर बिना लाइसेंस वाला 17 साल का लड़का चला रहा था. साहिल की मौके पर ही मौत हो गई.

उसकी मां इन्ना माकन ने आरोप लगाया कि घटना के समय नाबालिग और उसकी बहन, जो एसयूवी में थी, रील बना रहे थे और तेज रफ्तार में गाड़ी चला रहे थे, जिसकी वजह से उसके बेटे की जान चली गई.

दीवार पर मोटे अक्षरों में हाथ से “DREAM” लिखा है, जिसमें D अक्षर को डिसिप्लिन के तौर पर बताया गया है, जबकि बाकी अक्षर अभी भी अधूरे हैं | अलमिना खातून | दिप्रिंट

इन्ना ने कहा, “उन्होंने मेरे बच्चे को एक रील के लिए, मजे के लिए मार दिया. टक्कर के बाद भी उन्होंने ब्रेक नहीं लगाया और न ही मेरे बच्चे की मदद की.”

उन्होंने दावा किया कि घटना के घंटों बाद भी वे उसके बेटे को अस्पताल नहीं ले गए और उसका शरीर सड़क किनारे छोड़ दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने लापरवाही से गाड़ी चलाने का दोष साहिल पर डालने की कोशिश की.

इन्ना ने कहा, “कुछ बच्चों को लगता है कि वे कुछ भी कर सकते हैं क्योंकि उनके माता-पिता अमीर हैं और उन्हें सजा नहीं मिलेगी. लेकिन मैं अपने बेटे और न्याय के लिए तब तक लड़ूंगी जब तक मुझे न्याय नहीं मिल जाता.”

खोए हुए सपने

साहिल बीबीए के अंतिम वर्ष का छात्र था. वह विदेश की किसी यूनिवर्सिटी में मास्टर्स के लिए आवेदन करना चाहता था और इसके लिए कई पार्ट टाइम नौकरियां कर रहा था.

उसका कमरा मेडल, बड़े सपनों और महत्वाकांक्षी स्लोगन से भरा था—जिनमें यूनाइटेड किंगडम में पढ़ाई करने का सपना भी शामिल था. साहिल को मैनचेस्टर की एक यूनिवर्सिटी में लक्जरी फैशन मैनेजमेंट में मास्टर ऑफ साइंस के लिए दाखिला भी मिल गया था.

उसकी मां ने मीडिया और रिश्तेदारों को वह एडमिशन लेटर दिखाया, जिसे उसका बेटा कभी देख नहीं पाया. यह लेटर परिवार को कुछ दिन पहले ही मिला था.

फुटबॉल और क्रिकेट समेत कई स्पोर्ट्स कॉम्पिटिशन के मेडल साहिल के कमरे में शान से टंगे हैं | अलमिना खातून | दिप्रिंट

मकान ने अपने बेटे का लेटर हाथ में पकड़कर कहा, “हमें तो यह भी नहीं पता था कि उसने वहां आवेदन किया था और उसका चयन हो गया. मैं अपने बेटे को खो बैठी, इससे पहले कि वह अपनी मेहनत का फल देख पाता.” उन्हें लगता है कि साहिल उन्हें सरप्राइज देना चाहता था.

साहिल अपनी मां के रियल एस्टेट के काम में भी मदद करता था. उन्होंने बताया कि घटना के समय वह उनके ऑफिस ही जा रहा था. वह अपने दोस्तों के बिजनेस में भी मदद करता था ताकि थोड़ी एक्सट्रा कमाई कर सके.

उसके दोस्त मानस ने कहा, “वह बहुत मेहनती था और कभी काम से मना नहीं करता था. वह बस अपनी जिंदगी जीना चाहता था और एक बिजनेसमैन बनने का सपना पूरा करना चाहता था.” उसने बताया कि साहिल फिटनेस का शौकीन था और वे घंटों जिम में साथ बिताते थे.

साहिल के दोस्त और परिवार वाले याद करते हैं कि वह कितना एम्बिशियस था और हमेशा बड़े सपने देखता था। उसके कमरे में एक स्लोगन लिखा है: “वे फर्स्ट क्लास में उड़ना चाहते हैं, मैं प्लेन का मालिक बनना चाहता हूं” | अलमिना खातून | दिप्रिंट

साहिल के मामा चेतन कपूर ने कहा कि वह रिश्तेदारों के यहां ज्यादा नहीं जाता था, लेकिन चाहे कितना भी व्यस्त हो, अपनी नानी से मिलने का समय जरूर निकालता था.

उनके मामा ने कहा, “उसने अपने लिए बेहतर जिंदगी बनाने के लिए बहुत मेहनत की, और सिर्फ 23 साल की उम्र में किसी और की गलती से सब कुछ खो दिया.”

वीडियो

इन्ना 2018 से अकेले ही साहिल की परवरिश कर रही थीं, जब उनके पति की ब्रेन ट्यूमर से मौत हो गई थी. परिवार चलाने के लिए उन्होंने ब्यूटीशियन और प्रॉपर्टी डीलर समेत कई काम किए.

साहिल की फोटो सीने से लगाकर रोते हुए इन्ना ने कहा, “मैंने सोचा था कि अब मैं शांति से जिंदगी जीऊंगी, अपने बच्चे की सफलता देखूंगी, उसे उड़ते हुए देखूंगी, लेकिन अब मैं उसे आखिरी बार भी नहीं देख सकती.”

उन्होंने किशोर ड्राइवर और उसके परिवार पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि उनके प्रभाव के कारण उन्हें छूट मिलती रही.

उन्होंने कहा, “उसके पास लाइसेंस नहीं था. उसकी कार पर पहले से ही तेज रफ्तार के 13 चालान थे, फिर भी उसके परिवार ने उसे गाड़ी चलाने दी.”

माकन के कमरे में साहिल की अपनी माँ के साथ एक फ़ोटो लगी है। वह बताती हैं कि साहिल को हमेशा अपनी फ़ोटो खिंचवाना कितना पसंद था | अलमिना खातून | दिप्रिंट

एक वीडियो, जो कथित तौर पर ड्राइवर की बहन ने बनाया था, जिसमें वह उसके बगल में बैठी थी, उसमें एसयूवी तेज रफ्तार में लापरवाही से चलती दिखती है और एक बस को बचाते हुए साहिल से टकरा जाती है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.

साहिल की मां ने आरोप लगाया कि वीडियो को आखिर में काट दिया गया और असली टक्कर का पल उसमें नहीं दिखाया गया.

एक और वीडियो में, जो घटना के बाद बनाया गया, साहिल की मोटरसाइकिल सड़क पर पड़ी दिखती है. साहिल को सामने से टक्कर मारने के बाद एसयूवी आगे बढ़ी और सड़क किनारे खड़ी एक टैक्सी से टकरा गई. टैक्सी ड्राइवर अजीत सिंह घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए इंदिरा गांधी इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया.

दिप्रिंट ने उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.

शुरुआत में द्वारका साउथ पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में आरोपी ड्राइवर की उम्र 19 साल बताई गई थी. लेकिन आगे की जांच में दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की कि वह 18 साल से कम उम्र का था और बिना वैध लाइसेंस के गाड़ी चला रहा था. बाद में उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया और ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया गया. 10 फरवरी 2026 को जेजेबी ने उसे कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा देने के लिए अंतरिम जमानत दे दी.

घटना के करीब 15 दिन बाद आरोपी के पिता ने कहा कि उसके बेटे से बड़ी गलती हो गई.

उन्होंने कहा, “मेरे बच्चे से अनजाने में बहुत बड़ी गलती हो गई, जिसके लिए मैं बहुत, बहुत शर्मिंदा हूं.”

पहले के कई चालानों के बारे में उन्होंने कहा कि वे सभी उनके ड्राइवर के नाम पर थे और उनके बेटे के नहीं थे.

‘मुझे न्याय चाहिए’

द्वारका का जो घर पहले शांत और सुकून भरा था, अब वहां मीडिया और रिश्तेदारों की भीड़ लगी है. साहिल के कमरे में उसके बिस्तर पर बैठी इन्ना बार-बार उस दिन की घटना को याद करती हैं—कैसे उन्हें फोन आया, वह मौके पर पहुंचीं और अपने बेटे को सड़क पर बेहोश पड़ा पाया.

उन्होंने कहा, “पुलिस हर जगह थी और एंबुलेंस पास में खड़ी थी, लेकिन उन्होंने मेरे बेटे को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया.”

इन्ना ने आरोप लगाया कि अस्पताल ले जाने के बाद भी अधिकारियों ने उन्हें दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल से किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति नहीं दी.

अस्पताल में हुए पोस्टमार्टम में पता चला कि साहिल को कई गंभीर चोटें आई थीं. उसके पेट पर कट और खरोंच थे, खोपड़ी में फ्रैक्चर था और शरीर के कई हिस्सों में हड्डियां टूटी थीं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, घटना में अंदरूनी भारी खून बहने और जरूरी अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचने से उसकी मौत हुई.

साहिल के दोस्तों ने एक सोशल मीडिया अकाउंट बनाया और “जस्टिस फॉर साहिल” कैप्शन के साथ पोस्टर लगाए। | अलमिना खातून | दिप्रिंट

साहिल के सोशल मीडिया पोस्ट, जो पहले तस्वीरों और तारीफों से भरे रहते थे, अब “आरआईपी” और “हम तुम्हें याद करेंगे” जैसे कमेंट से भरे हैं.

साहिल के दोस्तों ने ‘Justice for Kabir_Sahil’ नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट भी बनाया है, क्योंकि वे उसे कबीर कहते थे.

इन्ना ने कहा, “मुझे उसके एडमिशन की खुशी मनानी चाहिए थी और उसके भविष्य की तैयारी करनी चाहिए थी, लेकिन अब मैं सिर्फ अपने बेटे के लिए न्याय चाहती हूं.”

उन्होंने कहा, “मैं अपने बेटे की जिंदगी को यूं ही बेकार नहीं जाने दूंगी.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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