Wednesday, 29 June, 2022
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2020 में IIT की परीक्षा देने वाले छात्रों को कोविड के कारण अगले साल JEE एडवांस्ड में एक और मौका मिल सकता है

आईआईटी दिल्ली के निदेशक ने कहा कि इस मुद्दे पर 13 अक्टूबर की बैठक में चर्चा होगी. लेकिन यह केवल एक बार उठाया जाने वाला कदम होगा और केवल उन छात्रों के लिए होगा जो इस साल अपने दोनों प्रयास को पूरा कर चुके हैं.

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नई दिल्ली: किसी भी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में अपनी एक सीट सुरक्षित करने के इच्छुक छात्रों को अपना सपना पूरा करने का एक और मौका मिल सकता है. दिप्रिंट को मिली जानकारी के मुताबिक यह शीर्ष संस्थान कोविड-19 महामारी के मद्देनज़र जेईई एडवांस्ड में छात्रों को एक और मौका देने पर विचार कर रहा है.

अभी तक छात्रों को केवल दो बार जेईई एडवांस्ड देने की अनुमति है. लेकिन एक अपवाद के तौर पर आईआईटी उन छात्रों को एक और मौका देने पर विचार कर रहा है जिन्होंने पंजीकरण कराया लेकिन कोविड के कारण या तो पेपर नहीं दे पाए या फिर उनका प्रदर्शन खराब रहा.

हालांकि, यह मौका केवल एक बार के लिए होगा और सिर्फ उन्हीं छात्रों को मिलेगा जो इस साल अपने दोनों प्रयास पूरा कर चुके हैं.

संयुक्त प्रवेश बोर्ड (जेएबी), जो जेईई एडवांस्ड से संबंधित निर्णय लेता है, 13 अक्टूबर को होने वाली अपनी बैठक में इस पर चर्चा करेगा.

आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर प्रोफेसर वी. रामगोपाल राव, जिन्होंने जेईई एडवांस्ड 2020 का प्रबंधन किया, ने दिप्रिंट से बातचीत में इसकी पुष्टि की, उन्होंने कहा, ‘यह मुद्दा जेएबी एजेंडे का एक हिस्सा है’.

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अतिरिक्त प्रयास छात्रों की मांग

छात्र हर वर्ष परीक्षा में उत्तीर्ण होने के दो अवसरों, एक जनवरी में और दूसरा अप्रैल में, के साथ लगातार तीन वर्षों तक जेईई मेन दे सकते हैं.

एक बार जब वे क्वालीफाई कर जाते हैं, तो उन्हें जेईई एडवांस्ड में केवल दो मौके मिलते हैं.

लेकिन इस साल छात्रों की मांग थी कि जेईई एडवांस्ड के मौके बढ़ाए जाएं क्योंकि उनमें से तमाम की शिकायत थी कि वे परीक्षा के लिए अच्छी तरह तैयारी नहीं कर पाए थे क्योंकि कोचिंग सेंटर बंद थे और पाठ्य सामग्री आसानी से उपलब्ध नहीं थी.

इस संदर्भ में शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को भी एक पत्र लिखकर मंत्रालय से जेईई एडवांस्ड के मौकों को बढ़ाने का आग्रह किया गया था.

अधिवक्ता अलख आलोक श्रीवास्तव द्वारा लिखे पत्र में कहा गया है, ‘उम्मीदवारों को हर साल दो प्रयासों- एक बार जनवरी और दूसरी बार अप्रैल में- के हिसाब से लगातार तीन साल तक जेईई मेन के छह मौके मिलते हैं जबकि जेईई एडवांस्ड के लिए केवल दो प्रयासों की अनुमति का ही नियम है.’

इसमें कहा गया है, ‘अपने तीसरे प्रयास में शीर्ष रैंक के साथ जेईई मेन क्वालीफाई करने के बाद भी छात्रों को जेईई एडवांस्ड में शामिल होने की अनुमति नहीं होती है. यह विशेष रूप से वंचित वर्ग और ग्रामीण छात्रों के साथ एक अन्याय है.’

इसने आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर को सितंबर में अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये छात्रों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया और उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार छात्रों के हितों के बारे में सोच रही है.

‘जेईई एडवांस्ड में हिस्सा लेने के मौके बढ़ाने पर कोई फैसला जेईई एडवांस्ड के संयुक्त प्रवेश बोर्ड (जेएबी) के दायरे में आता है. कृपया ध्यान दें कि आईआईटी खड़गपुर जेईई एडवांस्ड 2021 का आयोजक संस्थान है. अन्य लोगों के अलावा सभी आईआईटी डायरेक्टर जेएबी के सदस्य हैं.’

उन्होंने कहा कि मौके बढ़ाने पर कोई भी फैसला जेईई एडवांस्ड 2020 की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जा सकता है.

राव ने कहा, ‘जेईई एडवांस्ड 2020 के बाद आईआईटी दिल्ली की ओर से 2021 के लिए आईआईटी खड़गपुर को प्रभार सौंपा जाएगा. 2021 जेईई एडवांस्ड के लिए पहली जेएबी बैठक में निश्चित तौर पर यह मामला चर्चा के लिए आएगा और तब उचित निर्णय लिया जाएगा.’

उन्होंने बुधवार को दिप्रिंट से बातचीत में पुष्टि की कि यह मामला जेएबी बैठक के एजेंडे में शामिल है और कोई उचित कदम उठाने पर चर्चा की जाएगी. एक बार निर्णय को अंतिम रूप दे दिए जाने के बाद जेईई एडवांस्ड के दो मौके पूरे कर चुके छात्र 2021 में एक और प्रयास कर सकेंगे.

(इस खबर को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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