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Wednesday, 12 June, 2024
होमडिफेंसलोगों की मौत, यातना वीडियो वायरल होने के बाद पुंछ ब्रिगेडियर को हटाया गया, नये अधिकारी ने संभाला कार्यभार

लोगों की मौत, यातना वीडियो वायरल होने के बाद पुंछ ब्रिगेडियर को हटाया गया, नये अधिकारी ने संभाला कार्यभार

राजौरी-पुंछ क्षेत्र में पिछले डेढ़ साल में एक चिंताजनक प्रवृत्ति देखी गई है, जहां सैनिकों पर बार-बार आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर हमला करने की घटना सामने आई है.

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नई दिल्ली: 13 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल्स का नेतृत्व करने वाले ब्रिगेडियर, जो जम्मू-कश्मीर में पुंछ के प्रभारी थे, को कथित यातना वीडियो के वायरल होने और तीन नागरिकों की मौत की जांच लंबित रहने तक हटा दिया गया है. दिप्रिंट को जानकारी मिली है कि आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में चार सैनिकों की हत्या के बाद शुक्रवार को सेना द्वारा उठाए गए आठ लोगों में ये नागरिक भी शामिल थे.

रक्षा और सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने कहा कि कश्मीर के एक नए अधिकारी ने 13 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल्स की कमान संभाली है.

सेना के एक सूत्र ने दिप्रिंट से कहा, “ब्रिगेडियर पी. आचार्य को जांच लंबित रहने तक अटैच्ड (सेना में इस्तेमाल किया जाने वाला एक शब्द जब अधिकारियों को ड्यूटी से हटा दिया जाता है और किसी अन्य इकाई या मुख्यालय में तैनात कर दिया जाता है) कर दिया गया है. एक नये अधिकारी ने कमान संभाल ली है. औपचारिक पोस्टिंग का आदेश समय पर आ जाएगा.”

सूत्रों ने यह भी कहा कि नागरिकों की मौत की जांच में और अधिक अधिकारियों और जवानों को शामिल किया जाएगा.

सूत्रों ने कहा कि यातना के वीडियो और मौतों को केंद्र सरकार ने बहुत गंभीरता से लिया है और जवाबदेही तय करने के लिए सेना को सख्त निर्देश दिए हैं.

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एक दूसरे सूत्र ने दिप्रिंट से कहा, “यह बर्खास्तगी नहीं है. यह कुर्की है क्योंकि उक्त अधिकारी के आचरण की जांच चल रही है. सजा कैसी दी जाएगी इसपर आगे की कार्रवाई आंतरिक जांच के नतीजे पर आधारित होगी.”

दिप्रिंट ने शनिवार और रविवार को सबसे पहले रिपोर्ट दी थी कि सेना ने कथित यातना वीडियो और मौतों की अपनी जांच शुरू कर दी है, जबकि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है और जांच कर रही है.

सूत्रों ने कहा कि पुलिस जांच में मौतों पर भी गौर किया जाएगा, इसके अलावा यह भी जांचा जाएगा कि क्या सेना के कुछ अधिकारियों द्वारा नागरिक जांच को कवर करने और प्रभावित करने का कोई प्रयास किया गया था.

जैसा कि बताया गया है, 16 सेक्टर के वर्तमान कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन का कार्यकाल पहले ही समाप्त हो रहा है और वह 1 जनवरी को लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा को कार्यभार सौंपने वाले हैं.

उनके अधीन कमांड अधिकारियों में ब्रिगेडियर पी. आचार्य के अलावा बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर, सेकेंड इन कमांड के अलावा कंपनी कमांडर भी शामिल हैं.

सूत्रों ने बताया कि जांच के दायरे में आने वाली बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर घटना के वक्त छुट्टी पर थे और दूसरा अधिकारी काम कर रहा था.

सूत्रों के अनुसार, नागरिकों को उसी फॉर्मेशन द्वारा उठाया गया था, जिसमें गुरुवार को पुंछ में आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में चार सैनिक मारे गए थे.

सेना ने रविवार को आखिरकार मारे गए सैनिकों की पहचान नायक बीरेंद्र सिंह, नायक करण कुमार, राइफलमैन गौतम कुमार और राइफलमैन चंदन कुमार के रूप में की.

पता चला है कि कम से कम दो जवानों के शव क्षत-विक्षत हो गये हैं.

जैसा कि दिप्रिंट ने नवंबर में रिपोर्ट किया था, राजौरी पुंछ क्षेत्र में पिछले डेढ़ सालों में चिंताजनक प्रवृत्ति देखी गई है, जहां सैनिकों पर बार-बार आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर हमला किया जा रहा है.

सूत्र इस बात पर सहमत हुए कि राजौरी पुंछ क्षेत्र में परिचालन संबंधी खामियां हैं और कहा कि व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.

(संपादनः ऋषभ राज)

(इस ख़बर को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.)


यह भी पढ़ें: सेना ने पुंछ में नागरिकों की मौत और यातना के वीडियो की जांच शुरू की, नए अधिकारियों को मिल सकती है कमान


 

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