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Tuesday, 3 February, 2026
होमडिफेंसभारत के बड़े हेलीकॉप्टर बाजार में उतरने के लिए अडानी डिफेंस ने इटली की लियोनार्डो के साथ साझेदारी की

भारत के बड़े हेलीकॉप्टर बाजार में उतरने के लिए अडानी डिफेंस ने इटली की लियोनार्डो के साथ साझेदारी की

यह पार्टनरशिप इंडियन आर्म्ड फोर्सेज की ज़रूरतों को पूरा करने पर फोकस करेगी, खासकर लियोनार्डो के AW169M और AW109 ट्रेकरM हेलीकॉप्टर्स के लिए.

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नई दिल्ली: अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने मंगलवार को इटली की बड़ी रक्षा कंपनी लियोनार्डो, जिसे पहले अगस्ता वेस्टलैंड के नाम से जाना जाता था, के साथ एक समझौता ज्ञापन यानी MoU पर साइन करने की घोषणा की. कंपनी का कहना है कि इस समझौते का मकसद भारत में “पूरी तरह से एकीकृत हेलीकॉप्टर निर्माण इकोसिस्टम” तैयार करना है, जिसमें बड़े सैन्य बाजार को ध्यान में रखा गया है.

अनुमानों के मुताबिक भारतीय सशस्त्र बलों यानी सेना, नौसेना, वायुसेना और कोस्ट गार्ड को अलग-अलग श्रेणियों में 1000 से ज्यादा हेलीकॉप्टरों की जरूरत है.

इसमें 300 से ज्यादा लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, 300 से ज्यादा मीडियम लिफ्ट हेलीकॉप्टर, 100 से अधिक इंटरमीडिएट हेलीकॉप्टर और 90 से ज्यादा मैरिटाइम मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर शामिल हैं.

यह MoU राष्ट्रीय राजधानी में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और रक्षा मंत्रालय में अधिग्रहण महानिदेशक ए अनबरासु की मौजूदगी में साइन किया गया. इसका फोकस भारतीय सशस्त्र बलों की जरूरतों पर होगा, खासकर लियोनार्डो के AW169M और AW109 TrekkerM हेलीकॉप्टरों पर.

इस साझेदारी के तहत चरणबद्ध स्वदेशीकरण किया जाएगा. साथ ही मजबूत मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल यानी MRO क्षमताएं विकसित की जाएंगी और पायलट ट्रेनिंग की पूरी व्यवस्था होगी.

अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के निदेशक जीत अडानी ने कहा, “लियोनार्डो के साथ यह साझेदारी भारत में मजबूत और भविष्य के लिए तैयार हेलीकॉप्टर इकोसिस्टम की दिशा में एक अहम कदम है.”

कार्यक्रम में बोलते हुए रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भर भारत को लेकर भारत सरकार का विजन आयात पर निर्भरता कम करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी औद्योगिक क्षमता तैयार करना है.

उन्होंने कहा, “जब हम आत्मनिर्भरता की बात करते हैं, तो हमें यह समझना होता है कि यह तुरंत हासिल नहीं हो सकती और शायद 100 प्रतिशत आत्मनिर्भरता कभी संभव भी नहीं है. लेकिन हम मेक इन इंडिया की दिशा में लगातार कदम उठा सकते हैं और अंत में यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आयात या आयात पर निर्भरता कम से कम हो, भले ही इसे पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सके. इसी वजह से भारत में अक्सर यह गलत सोच बन जाती है कि या तो आप आयात कर रहे हैं या फिर पूरी तरह भारतीय डिजाइन और निर्माण पर ही निर्भर हैं.”

अनबरासु ने कहा कि अडानी और लियोनार्डो के बीच यह रणनीतिक साझेदारी देश की हेलीकॉप्टर निर्माण क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है.

उन्होंने कहा, “पिछले हफ्ते 27 तारीख को एक शादी हुई थी, जिसमें हम शामिल हुए थे. वह शादी एम्ब्राएर के साथ थी. और आज एक और शादी हो रही है.”

वह पिछले हफ्ते अडानी ग्रुप और ब्राजील की बड़ी कंपनी एम्ब्राएर के बीच हुई साझेदारी का जिक्र कर रहे थे, जिसका मकसद भारत में एक क्षेत्रीय विमान निर्माण इकाई स्थापित करना है.

अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के निदेशक जीत अडानी ने कहा, “लियोनार्डो के साथ यह साझेदारी भारत में मजबूत और भविष्य के लिए तैयार हेलीकॉप्टर इकोसिस्टम की दिशा में एक अहम कदम है. वैश्विक उत्कृष्टता को हमारी औद्योगिक गति के साथ जोड़कर हम लंबे समय तक मूल्य, उच्च कौशल वाले रोजगार और आत्मनिर्भर भारत के साथ तालमेल सुनिश्चित करेंगे, ताकि भारत को एक वैश्विक एयरोस्पेस शक्ति के रूप में स्थापित किया जा सके.”

कंपनी के सीईओ आशीष राजवंशी ने कहा, “आने वाले एक दशक में भारतीय सशस्त्र बलों की 1000 से ज्यादा हेलीकॉप्टरों की जरूरत को देखते हुए यह साझेदारी संप्रभु निर्माण को लेकर हमारे विजन को साकार करती है.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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