नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली शब्दोत्सव 2026 के उद्घाटन के अवसर पर भारत की विविध संस्कृति और विरासत को रेखांकित करते हुए कहा कि दिल्ली ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ का सर्वोत्तम उदाहरण है.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भारत की अनोखी और विविध सभ्यता, संस्कृति और विरासत पर प्रकाश डाला और कहा कि यह आज भी पूरी मजबूती के साथ कायम है.
उन्होंने कहा, “भारत किसी न किसी रूप में अपने अतीत, वर्तमान और भविष्य से निरंतर संवाद में है. भारत पर कई बार हमले हुए, लेकिन भारत डटा रहा. दुनिया ने हमारी सभ्यता, संस्कृति और शिक्षा पर प्रहार करने की कोशिश की, लेकिन हमारी जड़ें मजबूत थीं और हम खड़े रहे.”
मुख्यमंत्री ने देश के गौरवशाली अतीत से जुड़े रहने और उसकी सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया.
उन्होंने कहा, “विज्ञान के साथ-साथ संस्कार भी जरूरी हैं. यह कार्यक्रम हर भारतीय माता-पिता के उस सवाल का जवाब है कि आधुनिकता के इस दौर में बच्चों को अपनी संस्कृति से कैसे जोड़ा जाए. हमें अपनी जड़ों को खोए बिना आगे बढ़ना होगा.”
राष्ट्रीय राजधानी की सांस्कृतिक और जातीय विविधता की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की जीवंत तस्वीर है.
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने देश के अलग-अलग हिस्सों के त्योहारों को उसी उत्साह और मूल्यों के साथ मनाया, जैसे वे अपने राज्यों में मनाए जाते हैं. बिहार की छठ पूजा हो या महाराष्ट्र का गणेश चतुर्थी, सभी को समान भाव से मनाया गया. पहली बार विश्वविद्यालय परिसरों में डांडिया उत्सव आयोजित किए गए और कांवड़ यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की गईं. भगवान राम की दिवाली को भव्य बनाने के लिए कर्तव्य पथ पर 1.25 लाख दीप जलाए गए और राम के आदर्शों को हर घर तक पहुंचाया गया.”
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए विदेशों में भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले बयानों की आलोचना की.
उन्होंने कहा, “जब कोई भारतीय नागरिक या नेता विदेश जाकर अपने ही देश के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करता है, तो इसका मतलब है कि वह इस देश की मिट्टी से जुड़ा नहीं है और उसने इस राष्ट्र को समझा ही नहीं है.”
दिल्ली शब्दोत्सव 2026 का आयोजन 2 से 4 जनवरी तक नेशनल स्टेडियम में किया जा रहा है. यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक, साहित्यिक और वैचारिक चेतना को प्रमुखता से प्रस्तुत करता है.
