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Friday, 1 March, 2024
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महिलाओं की बढ़ी संख्या से लेकर गुलामी के प्रतीकों से मुक्ति तक, पढ़िए राष्ट्रपति ने अभिभाषण में क्या कहा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा, माइनिंग से लेकर सेना में अंग्रिम मोर्चों तक, हर सेक्टर में महिलाओं की भर्ती को खोल दिया गया है. सैनिक स्कूलों से लेकर मिलिट्री ट्रेनिंग स्कूलों तक में, अब हमारी बेटियां पढ़ रही हैं.

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नई दिल्लीः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केंद्रीय बजट 2023 से पहले मंगलवार को संसद के दोनों सदनों को अपने पहले अभिभाषण की मुख्य बातों में केंद्र के निर्णायक फैसले, महिलाओं और युवाओं की भागीदारी, देश के इंफ्रास्ट्रक्चर में होते विकास, आदिवासी समुदाय के लिए किए गए कार्य और विरासत की जानकारी से अवगत कराया.

राष्ट्रपति ने कहा, “हमें ऐसा भारत बनाना है जिसकी युवाशक्ति और नारीशक्ति, समाज और राष्ट्र को दिशा देने के लिए सबसे आगे खड़ी हो, जिसके युवा समय से दो कदम आगे चलते हों.”

उन्होंने कहा, “भारत में प्रगति के साथ प्रकृति का भी संरक्षण करने वाली सरकार है. विरासत के संरक्षण के साथ ही आधुनिकता को बढ़ावा देने वाली सरकार है.”

राष्ट्रपति ने कहा, “2015 में भारत ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 81वें स्थान पर था. अब हम 40वें स्थान पर आ गए हैं. आज भारत में लगभग 90 हज़ार रजिस्टर्ड स्टार्ट अप्स हैं.”

भारत ने दो साल के भीतर 220 करोड़ से अधिक वैक्सीन की डोज दी है.

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पहली बार पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या बढ़ी

उन्होंने कहा, “आज भारत में महिलाओं के सामने से हर बाधा को दूर करने वाली सरकार है.”

राष्ट्रपति ने कहा, “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की सफलता आज हम देख रहे हैं. देश में पहली बार पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक हुई है एवं महिलाओं का स्वास्थ्य भी पहले के मुकाबले और बेहतर हुआ है. यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी कार्यक्षेत्र में महिलाओं के लिए कोई बंदिश न हो.”

उन्होंने कहा, “माइनिंग से लेकर सेना में अंग्रिम मोर्चों तक, हर सेक्टर में महिलाओं की भर्ती को खोल दिया गया है. सैनिक स्कूलों से लेकर मिलिट्री ट्रेनिंग स्कूलों तक में, अब हमारी बेटियां पढ़ रही हैं.”

उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार ने मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह किया है. मुझे यह देखकर गर्व होता है कि आज की हमारी बहनें और बेटियां उत्कल भारती के सपनों के अनुरूप विश्व स्तर पर अपनी कीर्ति पताका लहरा रही हैं.”

“मेरी सरकार की पहचान एक निर्णायक सरकार की”

राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार वैश्विक भूमिका को लेकर आत्मविश्वास से आगे बढ़ने वाली सरकार है.

उन्होंने केंद्र के निर्णायक फैसलों को लेकर कहा, “सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर आंतकवाद पर कठोर प्रहार तक, LOC से लेकर LAC तक हर दुस्साहस के कड़े जवाब तक, अनुच्छेद-370 को हटाने से लेकर तीन तलाक तक, मेरी सरकार की पहचान एक निर्णायक सरकार की रही है.”

उन्होंने कहा, “आज 300 से ज्यादा योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में पहुंच रहा है. अब तक पूरी पारदर्शिता से 27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम करोड़ों लोगों तक पहुंचाई गई है.”

वन अर्थ, वन फैमिली, नव फ्यूचर, के मंत्र के साथ भारत की पूरी कोशिश है कि जी-20 के सदस्य देशों के साथ मिलकर मौजूदा वैश्विक चुनौतियों का सामूहिक समाधान तलाशा जाए.

राष्ट्रपति ने कहा, “जी-20 को केवल डिप्लोमैटिक प्रोग्राम तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि यह पूरे देश के प्रयास से भारत के सामर्थ्य और संस्कृति को दिखाने का अवसर है. इसलिए पूरे देश के दर्जनों शहरों में सालभर जी-20 की बैठकें आयोजित की जा रही हैं.”

नॉर्थ ईस्ट और हमारे सीमावर्ती क्षेत्र, विकास की एक नई गति का अनुभव कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, “इन क्षेत्रों में दुर्गम परिस्थितियों के साथ-साथ अशांति और आतंकवाद भी विकास भारत के समक्ष बड़ी चुनौती थी. केंद्र सरकार ने स्थाई शांति के लिए अनेक सफल कदम उठाए हैं और भौगोलिक चुनौतियों को चुनौती दी है.”

सीमावर्ती गांवों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने के लिए मेरी सरकार ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम पर काम शुरू किया है.


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वंचितों और पिछड़ों के लिए किया काम 

राष्ट्रपति ने कहा, “मेरी सरकार ने हर उस समाज की इच्छाओं को पूरा किया है, जो सदियों से वंचित रहा है. गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी, इनकी इच्छाओं को पूरा कर उन्हें सपने देखने का साहस दिया है.”

“मेरी सरकार की प्राथमिकता में देश के 11 करोड़ छोटे किसान हैं. ये छोटे किसान, दशकों से, सरकार की प्राथमिकता से वंचित रहे थे.”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत इन छोटे किसानों को सवा दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की मदद दी गई है. इन लाभार्थियों में तीन करोड़ महिलाएं हैं. अभी तक 54 हज़ार करोड़ रुपये महिला किसानों को दिए गए हैं.

मुर्मु ने कहा, “अनुसूचित जाति के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए डॉक्टर आंबेडकर उत्सव धाम, अमृत जलधारा और युवा उद्यमी योजना जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. मेरी सरकार ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देकर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कल्याण के लिए हमारी प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया है.”

उन्होंने कहा कि आदिवासी गौरव के लिए मेरी सरकार ने अभूतपूर्व फैसले किए हैं.

पहली बार देश ने भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाना शुरू किया. हाल ही में मानगढ़ धाम ने सरकार ने आदिवासी क्रांतिवीरों को पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर श्रद्धांजलि दी. आज 36 हज़ार से अधिक आदिवासी बाहुल्य वाले गांवों के प्रधानमंत्री आदि विमर्श ग्राम योजना के तहत विकसित किया जा रहा है. आज देश में 400 से अधिक एकलव्य मॉडल स्कूल आदिवासी क्षेत्रों में खुल चुके हैं.

मुर्मु ने कहा, “मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद, भारत में गरीबों के लिए औसतन हर रोज़ आवास योजना के तहत 11 हज़ार घरों का निर्माण हुआ. इसी अवधि में प्रतिदिन ढ़ाई लाख लोग ब्रॉडबैंड कनेक्शन से जुड़े हैं. हर दिन 55 हज़ार से ज्यादा गैस कनेक्शन दिए गए. मुद्रा योजना के तहत हर रोज़ 700 करोड़ रुपये से अधिक का लोन दिया गया.”

“विरासत हमें जोड़ती है”

राष्ट्रपति ने कहा, “हमारी विरासत हमें जड़ों से जोड़ती है और हमारा विकास आसमान को छूने का हौसला देता है. इसलिए मेरी सरकार ने विरासत को मजबूती देने और विकास को प्राथमिकता देने की राह चुनी है.”

उन्होंने कहा, “आज एक तरफ देश में अयोध्या धाम का निर्माण हो रहा है. वहीं, दूसरी तरफ आधुनिक संसद भवन भी बन रहा है. एक तरफ हमने केदारनाथ धाम, काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल महालोक का निर्माण किया, तो वहीं हर जिले में सरकारी मेडिकल कॉलेज बनवाए गए हैं.”

एक तरफ, काशी-तमिल संगमम् के जरिए एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूत कर रहे हैं तो वहीं, वन नेशन-वन राशन कार्ड जैसी आधुनिक व्यवस्था भी बना रहे हैं. डिजिटल इंडिया और 5जी टेक्नोलॉजी में भारत के सामर्थ्य का लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है.

मेड इन इंडिया अभियान और आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता का लाभ देश को मिलना शुरू हो चुका है. आज भारत में मैन्युफेक्चरिंग की अपनी कैपेसिटी भी बढ़ रही है और दुनिया भर से भी मैन्युफेक्चरिंग कंपनियां भारत आ रही हैं.

देश में खिलौनों के आयात में 70 प्रतिशत कमी आई है, जबकि निर्यात 60 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है.


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गुलामी के निशानों से मिली मुक्ति

आज़ादी के अमृतकाल में देश पंच प्राणों की प्रेरणा से आगे बढ़ रहा है.

उन्होंने कहा कि गुलामी के हर निशान, हर मानसिकता से मुक्ति दिलाने के लिए भी मेरी सरकार निरंतर प्रयासरत है. जो कभी राजपथ था, वह अब कर्तव्य पथ बन चुका है.

“आज कर्तव्य पथ पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा हर भारतीय को गौरान्वित कर रही है, तो अंडमान निकोबार में भी नेताजी और आज़ाद हिंद फौज़ के शौर्य को हमने सम्मान दिया है. भारतीय सेना के परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर 21 द्वीपों का नामकरण भी किया है.”

राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार की नई पहल के परिणामस्वरूप हमारा रक्षा निर्यात छह गुना हो गया है. मुझे गर्व है कि हमारी सेना में आज आईएनएस विक्रांत के रूप में पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर भी शामिल हुआ है.

केंद्र सरकार देश के युवाओं की शक्ति को खेलों के जरिए भी देश के सम्मान से जोड़ रही है.

उन्होंने कहा, “हमारे खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ खेल से लेकर ओलंपिक और पेरा ओलंपिक अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है. देश के कोने-कोने में ऐसी प्रतिभाओं को निखारने के लिए खेलो इंडिया गेम्स, खेलो इंडिया सेंटर्स से लेकर TOPS स्कीम तक चलाई जा रही है.”

2022 में एयरपोर्ट्स की संख्या हुई 174

देश का एविएशन सेक्टर भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. आज भारत दुनिया का तीसरा बड़ा एविएशन मार्केट बन चुका है. इसमें उड़ान योजना की भी बहुत बड़ी भूमिका है.

उन्होंने कहा, “2014 तक देश में एयरपोर्ट्स की संख्या 74 थी अब यह बढ़कर 174 हो गई है.”

भारतीय रेलवे अपने आधुनिक अवतार में सामने आ रही है और देश के रेलवे मैप में अनेक दुर्गम क्षेत्र भी जुड़ रहे हैं.

राष्ट्रपति ने कहा, “भारतीय रेलवे दुनिया का सबसे बड़ा बिजली से चलने वाला रेलवे नेटवर्क बनने की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है. वंदे भारत एक्सप्रेस के रूप में एक आधुनिक और सेमी हाईस्पीड ट्रेन भारतीय रेल का हिस्सा बन चुकी है. जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट के दुर्गम क्षेत्रों को भी रेलवे से जोड़ा जा रहा है. देश के रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है.”

उन्होंने कहा कि भारत ने उस सोच को भी बदला है जो प्रगति और प्रकृति को परस्पर विरोधी मानती थी. मेरी सरकार ग्रीन ग्रोथ पर ध्यान दे रही है और पूरे विश्व को मिशन लाइफ से जोड़ने पर बल दे रही है.

राष्ट्रपति ने कहा, “सरकार ने पिछले आठ साल में सोलर एनर्जी क्षमता को करीब 20 गुना बढ़ाया है. आज भारत रिन्युएबल एनर्जी क्षमता में विश्व में चौथे स्थान पर है. देश के बिजली उत्पादन की 40 प्रतिशत क्षमता नॉन-फॉसिल फ्यूल्स से पैदा करने का लक्ष्य देश ने नौ साल पहले ही हासिल कर लिया है.”

बीते आठ वर्षों में देश में मेट्रो नेटवर्क में तीन गुना से अधिक बढ़ोतरी हुई है.

उन्होंने कहा कि आज 27 शहरों में मेट्रो ट्रेन पर काम चल रहा है. इसी प्रकार देशभर में 100 से ज्यादा वॉटरवे देश में ट्रांसपोर्ट सेक्टर का कायाकल्प करने में मदद करेंगे.

राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी सीमावर्ती क्षेत्रों में अभूतपूर्व इंफ्रास्टक्चर बीते सालों में तैयार किया गया है.

हर दिन दो कॉलेज खोले गए

बीते आठ से नौ वर्षों में लगभग हर महीने एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया गया. देश में हर दिन दो कॉलेज की स्थापना हुई और हर सप्ताह एक यूनिवर्सिटी बनी है.

2014 से पहले जहां देश में कुल लगभग 725 विश्वविद्यालय थे, वहीं बीते केवल आठ वर्षों में 300 से अधिक नए विश्वविद्यालय बने हैं. इसी दौरान पांच हज़ार से अधिक कॉलेज भी खोले गए हैं.

2004 से 2014 के बीच देश में कुल 145 मेडिकल कॉलेज खुले थे, 2014 के बाद से 260 मेडिकल कॉलेज खोले जा चुके हैं.

मेडिकल क्षेत्र में ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट सीटों की संख्या अब दोगुनी हो गई है.


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