श्रीनगर, 30 अप्रैल (भाषा) जम्मू-कश्मीर पुलिस की साइबर विंग ने दिवंगत अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में बृहस्पतिवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
अधिकारियों के अनुसार वीडियो में अलगाववाद का महिमामंडन किया गया है।
इससे कुछ दिन पहले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने गिलानी का वीडियो पोस्ट किया था।
मुफ्ती ने लिखा था, “गिलानी साहब की विचारधारा से सहमत न भी हों, लेकिन उर्दू के महत्व पर उनका यह पुराना वीडियो काफी मायने रखता है। देखने लायक है।”
मंगलवार को मुफ्ती ने अपने दल के नेतृत्व में आयोजित विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था, जिसमें राजस्व विभाग में भर्ती के लिए उर्दू भाषा को अनिवार्य शर्त से हटाने के फैसले का विरोध किया गया था।
साइबर विंग ने बृहस्पतिवार को भारतीय न्याय सहिंता की धारा 152 के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिसमें वीडियो अपलोड करने और अलगाववादी सामग्री का महिमामंडन करने का आरोप लगाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
इस बीच, श्रीनगर के पूर्व महापौर जुनैद अजीम मट्टू ने प्राथमिकी दर्ज किए जाने की निंदा करते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “मैं पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। मैं वीडियो या उसमें दिख रहे व्यक्ति या उनकी बातों से सहमत नहीं भी हो सकता, लेकिन प्राथमिकी दर्ज करना कठोर कदम है और इसे वापस लिया जाना चाहिए।”
भाषा जोहेब पवनेश
पवनेश
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