नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) अपने करियर के आखिर में स्वयं सिर्फ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने वाले शिखर धवन समझते हैं कि मैच की कमी से लय कैसे बिगड़ सकती है लेकिन उन्हें लगता है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए यह कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि 2027 विश्व कप से पहले उनके पास खेलने के लिए काफी मैच होंगे।
स्वयं के अनुभव से सीखते हुए धवन ने माना कि मैच की कमी से खिलाड़ी की लय बिगड़ सकती है।
धवन ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘हां, जब आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिर्फ एक ही प्रारूप खेलते हैं तो आपकी लय बिगड़ जाती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए खिलाड़ी फिटनेस पर ध्यान देते हैं क्योंकि आप बहुत अधिक मैच नहीं खेल रहे होते। आप रोहित और विराट की बात कर रहे हैं और वे काफी समझदार खिलाड़ी हैं। यह एक चुनौती है लेकिन वे जानते हैं कि चुनौती को मौकें में कैसे बदलना है।’’
लगभग 7000 एकदिवसीय अंतररष्ट्रीय रन बनाने वाले धवन ने कहा, ‘‘अगर आप उनकी फिटनेस देखें तो विराट हमेशा से फिट रहे हैं लेकिन रोहित ने अपनी फिटनेस में जबरदस्त बदलाव किया है।’’
धवन ने कहा कि अगले एकदिवसीय विश्व कप से पहले इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों को लय में आने के काफी मौके मिलेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘अब जब 2027 विश्व कप नजदीक है तो उन्हें खेलने के लिए बहुत सारे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच मिलेंगे। अगर आप उस समय को देखें जब मैं सिर्फ एक ही प्रारूप का खिलाड़ी बन गया था तो उस समय लगातार टी20 विश्व कप (2021 और 2022) हो रहे थे और मैं एकदिवसीय अंतरराष्ट्रय खेल रहा था जो कि बहुत कम होते थे। इसलिए रोहित और विराट के लिए मैच की कोई दिक्कत नहीं होगी और इस बड़ी प्रतियोगिता के लिए अभी काफी समय है।’’
उभरती हुई प्रतिभा की ओर ध्यान दिलाते हुए धवन ने जोर देकर कहा कि सबसे शीर्ष स्तर पर किए गए प्रदर्शन को उम्र से जुड़ी चिंताओं से अधिक अहमियत मिलनी चाहिए और उन्होंने युवा वैभव सूर्यवंशी के निडर अंदाज का उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर वैभव सीनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रहा है तो उसके प्रदर्शन को गिना जाना चाहिए, ना कि उसकी उम्र को। हां, वह अभी बच्चा है लेकिन जिस तरह से वह बुमराह और अर्शदीप जैसे गेंदबाजों को इतने बड़े-बड़े छक्के मारता है वह सच में हैरान करने वाला है।’’
धवन ने कहा, ‘‘बहुत से बड़े-बड़े खिलाड़ी भी इतनी कम उम्र में वह सब नहीं कर पाए हैं जो वैभव ने किया है। बेशक, उसका समय जरूर आएगा। उसका समय आना तय है।’’
उन्होंने एक तय शीर्ष क्रम में जगह बनाने की मुश्किल पर बात की और इसकी तुलना अपने लंबे समय तक रोहित और कोहली के साथ खेलने के अनुभव से की।
धवन ने कहा, ‘‘अगर शीर्ष क्रम अच्छा खेल रहा है तो आप उन्हें आसानी से बदल नहीं सकते। जब मैं, रोहित और विराट खेल रहे थे तो हमने लगभग एक दशक तक साथ खेला और हमें बदलना आसान नहीं था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह खिलाड़ी पर निर्भर करता है कि वह इसे कैसे लेता है। यह थोड़ा चुभ सकता है लेकिन अगर मौका आसानी से नहीं मिले तो निराश नहीं होना चाहिए। वैभव को इतनी कम उम्र में ही बहुत सारे आशीर्वाद मिले हैं।’’
टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजी के तरीकों में आए बदलावों को देखते हुए धवन ने बताया कि कैसे शुरुआत में लोग संभलकर खेलते थे लेकिन अब अधिक आक्रामक तरीके से खेलते हैं। उन्होंने हालांकि अच्छी तकनीक को महत्व दिया।
धवन ने कहा, ‘‘जब हमने शुरुआत की थी तो हमारे कोच कहते थे कि गेंद को जमीन के साथ-साथ मारो लेकिन अब इसका उल्टा होता है। जैसे वैभव का डिफेंस अच्छा है, मैंने उन्हें अपने शरीर के करीब गेंद को रोकते हुए देखा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘तकनीक अच्छी होनी चाहिए लेकिन अलग-अलग प्रारूप में खेलने के लिए मानसिकता में बदलाव की जरूरत होती है। यह पता होना चाहिए कि कब अपनी गति बढ़ानी है और कब कम करनी है। यह मैच अभ्यास से आता है। आज की पीढ़ी अपना खेल टी20 के आधार पर बना रही है इसलिए उन्हें कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।’’
आईपीएल में कोचिंग करने की संभावना पर धवन ने दरवाज़ा खुला रखा लेकिन साथ ही अपने मौजूदा काम पर संतुष्टि भी जाहिर की।
भाषा सुधीर नमिता
नमिता
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