नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) दिल्ली पुलिस ने चोरी के मोबाइल फोन की नेपाल में तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 40 फोन बरामद किए हैं। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की पहचान दिल्ली के नंद नगरी निवासी मोहम्मद शाहनवाज उर्फ शान (43) और उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी मोहम्मद रिजवान (45) के रूप में हुई है।
उन्होंने बताया कि रिजवान नेपाल में रहकर चोरी के फोन प्राप्त करता था। उसे चोरी के फोन की खेप लेकर नेपाल भागने से पहले ही पकड़ लिया गया।
पुलिस ने पूर्वी दिल्ली के क्राउन प्लाजा पार्किंग के पास जाल बिछाकर शाहनवाज को उस समय पकड़ा, जब वह कथित तौर पर चोरी के मोबाइल फोन की आपूर्ति कर रहा था। उसके पास से छह मोबाइल फोन बरामद किए गए। इसी बीच, रिजवान को गाजीपुर के पास उस समय पकड़ा गया जब वह एक बस में सवार होने की कोशिश कर रहा था और उसके पास एक ट्रॉली बैग से 34 चोरी के फोन बरामद हुए।
पुलिस ने बताया कि सत्यापन करने पर पता चला कि बरामद किए गए सभी 40 फोन चोरी और खोने की शिकायतों से जुड़े हैं। पुलिस ने बताया कि फोन चोरी के अब तक छह मामले हल हो गए हैं, जिनमें कश्मीरी गेट, केशवपुरम, कमला मार्केट, पहाड़गंज, कालिंदी कुंज और किशनगढ़ के थानों में दर्ज मामले शामिल हैं।
जांचकर्ताओं के अनुसार, यह गिरोह में दिल्ली के स्थानीय चोरों और खरीदारों से चोरी के मोबाइल फोन बहुत कम कीमत पर खरीदते थे और उन्हें नेपाल ले जाते थे, जहां उन्हें ऊंची कीमतों पर बेचा जाता था, जिससे उनका पता लगाना और उन्हें बरामद करना मुश्किल हो जाता था।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘आरोपी प्रत्येक फोन पर लगभग 3,000 रुपये से 4,000 रुपये का मुनाफा कमाता था।’
पूछताछ के दौरान, रिजवान ने कथित तौर पर खुलासा किया कि वह लगभग एक दशक से गिरोह चला रहा था और उसने चोरी के हजारों मोबाइल फोन नेपाल में तस्करी किए थे, जहां उसने अपराध की कमाई का उपयोग करके एक दुकान भी खोल ली है।
पुलिस ने बताया कि शाहनवाज आदतन अपराधी है और चोरी और शस्त्र अधिनियम से संबंधित सात मामलों में पहले भी संलिप्त रहा है, जबकि रिजवान के खिलाफ उत्तर प्रदेश में चोरी और मारपीट के मामले दर्ज हैं।
भाषा नोमान नोमान मनीषा
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