गुरुग्राम, 30 अप्रैल (भाषा) हरियाणा में मानेसर थानाक्षेत्र के कासन गांव में पैरोल पर छूटे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के एक कमांडो की बृहस्पतिवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई, जो स्पष्ट रूप से बदले की कार्रवाई जान पड़ती है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान सुंदर फौजी (55) के रूप में हुई है जिसे 2018 में सरपंच बहादुर चौहान की हत्या के सिलसिले में पिछले महीने पैरोल पर रिहा किया गया था।
पुलिस के मुताबिक फौजी सुबह सैर पर निकला था तभी सरपंच के बेटे रोहन और उसके करीबी सहयोगी ने करीब साढ़े आठ बजे एक बाजार के पास उसे घेर लिया एवं गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि करीब पांच राउंड गोलियां चलाई गईं तथा आरोपी अपने हथियारों के साथ तत्काल मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और फौजी को अस्पताल ले गई जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है। पुलिस का कहना है कि यह पूरी वारदात महज दस सेंकेंड के अंदर हुई।
पुलिस के मुताबिक प्राथमिक जांच से पता चला है कि रोहन अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए फौजी को मारना चाहता था।
आईएमटी मानेसर थानाक्षेत्र के कासन गांव के फौजी पर आरोप था कि उसने कथित तौर पर वित्तीय विवाद के चलते बहादुर चौहान की हत्या की थी।
मानेसर के थाना प्रभारी सुनील कुमार ने कहा, ‘‘आरोपियों में से एक की पहचान रोहन के रूप में हुई है। वह पूर्व सरपंच बहादुर का बेटा है, जिसकी फौजी ने हत्या कर दी थी। वह (फौजी) इस मामले के सिलसिले में जेल में था और 29 मार्च को पैरोल पर रिहा हुआ था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ दोनों आरोपी फरार हैं और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।’’
भाषा राजकुमार नरेश
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