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Wednesday, 29 April, 2026
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मीरा रोड हमला: आरोपी ने गार्ड्स को ‘कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया’, FIR में और क्या कहा गया

CM फडणवीस ने ठाणे ज़िले में सोमवार को दो सुरक्षा गार्डों पर हुए चाकू से हमले की जांच NIA से करवाने की मांग की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या आरोपी के संबंध किसी अन्य कट्टरपंथी व्यक्ति से भी हैं.

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मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि ठाणे जिले के मीरा रोड में सोमवार को दो सुरक्षा गार्ड्स पर चाकू से हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को करनी चाहिए. फडणवीस ने पत्रकारों से कहा कि एजेंसियों को यह जांच करनी चाहिए कि आरोपी के और अधिक कट्टरपंथी लोगों से संबंध हैं या नहीं.

इस घटना को ‘लोन वुल्फ अटैक’ माना जा रहा है और इसकी जांच महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) कर रही है. लोन वुल्फ अटैक वह आतंकवादी हमला होता है जो एक व्यक्ति अकेले करता है, बिना किसी आतंकवादी संगठन की मदद या उकसावे के.

नया नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के अनुसार, जिसकी कॉपी दिप्रिंट के पास है, 31 वर्षीय जैब जुबैर अंसारी ने सोमवार सुबह 4.30 बजे अस्मिता ग्रैंड मैंशन नाम की निर्माणाधीन इमारत में दो सुरक्षा गार्डों, सुब्रतो रमेश सेन और उनके सुपरवाइजर राजकुमार मिश्रा पर हमला किया. यह इमारत वॉखहार्ट अस्पताल के पीछे है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अंसारी को हमले के एक घंटे से कुछ ज्यादा समय बाद पकड़कर नया नगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया. घटना की CCTV फुटेज से उसे ट्रैक किया गया.

FIR में लिखा है कि अंसारी ने पहले गेट पर सेन से नजदीकी मस्जिद का रास्ता पूछा और फिर मस्जिद का नाम पूछा. जब सेन ने कहा कि उन्हें नहीं पता, तो अंसारी ने पूछा कि क्या वह हिंदू हैं. इसके बाद वह कुछ देर बाद लौटा और सेन पर चाकू से हमला कर दिया. FIR में यह भी लिखा है कि जब सेन वहां से भागे, तो अंसारी मिश्रा के केबिन में गया और उन पर भी चाकू से हमला किया. एक गार्ड ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे इस्लाम का मूल शपथ वाक्य कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया.

एक पुलिस अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया, “दोनों गार्डों को अस्पताल ले जाया गया जहां तुरंत इलाज शुरू हुआ. मिश्रा एक दिन तक गंभीर हालत में थे क्योंकि ज्यादा खून बह गया था, दूसरा गार्ड सेन भी इलाज में है लेकिन गंभीर नहीं है.”

अधिकारी ने कहा, “ATS को सूचना देना सामान्य प्रक्रिया है और उन्होंने हमारी जांच के बाद केस अपने हाथ में ले लिया.”

हमले के बाद पुलिस ने अंसारी के नय नगर स्थित स्मिता रेजिडेंसी बिल्डिंग वाले फ्लैट की तलाशी ली, जो हमले की जगह से करीब 200 मीटर दूर है. वहां से उसके हाथ से लिखे नोट मिले, जिनमें उसने कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट नाम के आतंकी संगठन में शामिल होने की इच्छा जताई थी. यह संगठन संयुक्त राष्ट्र और कई देशों द्वारा आतंकी संगठन घोषित है.

अधिकारी ने बताया, “अंसारी साइंस ग्रेजुएट है और कई साल तक अपने माता-पिता के साथ अमेरिका में रह चुका है. वह 2020 में भारत लौटा, जब उसका वर्क परमिट खत्म हो गया था.”

मंगलवार को सोलापुर में एक कार्यक्रम में फडणवीस ने कहा, “उसका परिवार विदेश में अमेरिका में रहता है. वह खुद भी कई साल विदेश में रहा है. लौटने के बाद वह पहले कुर्ला में रहा और फिर मीरा रोड (नया नगर) में आ गया. जांच यह पता लगाएगी कि उसके पीछे कौन है और कौन उससे जुड़ा है.”

FIR क्या कहती है

सोमवार को सुब्रतो सेन ने भायंदर अस्पताल में इलाज के बाद FIR दर्ज कराई. FIR में उन्होंने कहा, “एक अनजान व्यक्ति मेरे पास आया और पूछा, ‘आगे मस्जिद है क्या?’ मैंने कहा, ‘हां आगे बाईं तरफ मस्जिद है.’ उसने फिर पूछा, ‘मस्जिद का नाम क्या है?’ मैंने कहा, ‘मुझे नहीं पता.’ फिर उसने पूछा, ‘क्या तुम हिंदू हो?’ मैंने हां कहा. इसके बाद वह चला गया. लेकिन मैंने उसे इलाके में घूमते देखा था.”

सेन ने FIR में आगे कहा, “सुबह 4 बजे मैं चाय लेने बाहर गया और 4.30 बजे वापस आया. उसी समय वही व्यक्ति पीछे से आया और फिर पूछा, ‘क्या तुम हिंदू हो?’ और मेरे दाहिने हाथ को पकड़कर तेज हथियार से मुझे मारने की कोशिश की. मैं खुद को बचाने की कोशिश कर रहा था, तभी उसने मुझे पकड़कर पीठ में चाकू मार दिया. मैं किसी तरह छुड़ाकर भागा और सुपरवाइजर के केबिन की तरफ गया.”

सेन ने कहा, “मैं मिश्रा को यह बता ही रहा था कि आरोपी केबिन में घुस आया. उसने मिश्रा से भी पूछा, ‘क्या तुम हिंदू हो? अगर नहीं तो कलमा पढ़ो.’ जब वह कलमा नहीं पढ़ पाए, तो उसने मिश्रा को भी चाकू मार दिया. मैं डरकर पार्किंग में छिप गया. कुछ देर बाद जब वहां हलचल नहीं रही, तो मैंने मिश्रा को फोन किया. उस समय मिश्रा रोते हुए बोले: ‘मैं मर जाऊंगा, मैं मर जाऊंगा.’”

सेन ने आगे कहा, “जब मैं फिर केबिन में गया तो हरि सिंह भी वहां मौजूद थे. उन्होंने बताया कि वही व्यक्ति जिसने मुझ पर हमला किया था, उसने मिश्रा पर भी धर्म पूछकर हमला किया और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है.”

ATS ने सोमवार को केस अपने हाथ में ले लिया और मंगलवार को ANI को दिए बयान में कहा, “अमेरिका में नौकरी न मिलने के कारण वह भारत लौट आया और मीरा रोड में अकेला रहने लगा, जहां वह ऑनलाइन केमिस्ट्री कोचिंग देता था. माना जा रहा है कि अकेलेपन के दौरान वह इंटरनेट के जरिए कट्टरपंथी बना.”

एजेंसियां अब उसके मोबाइल और लैपटॉप के डिजिटल डेटा की जांच कर रही हैं ताकि पता लगाया जा सके कि क्या उसका किसी सीमा पार हैंडलर से संपर्क था.

मुख्यमंत्री फडणवीस ने इसे “सेल्फ-रेडिकलाइजेशन का मामला” बताया और कहा, “लगता है कि यह व्यक्ति किताबों, साहित्य और इंटरनेट के जरिए कट्टरपंथी बना है. यह जिहाद के नाम पर किसी की हत्या करने की मंशा से किया गया लगता है. उसे पकड़ लिया गया है, अब ATS और NIA की मदद से इसकी जांच की जाएगी.”

ATS की प्रेस रिलीज में मंगलवार को कहा गया कि अंसारी पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 109 (हत्या की कोशिश), 118(2) (खतरनाक हथियार से गंभीर चोट) और 196(1) (द्वेष फैलाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

शिवसेना (एकनाथ शिंदे) नेता संजय निरुपम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “मीरा रोड से चिंताजनक खबर आ रही है. नय नगर में सुरक्षा गार्ड पर गोली चलाने से पहले हमलावर ने उसे कलमा पढ़ने को कहा था. वे हिंदू थे, इसलिए उसने उन पर हमला किया. ATS ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है. शुरुआती पूछताछ में उसके आतंकी संगठनों से संबंध पाए गए हैं. उसके संबंधों की गहराई से जांच होनी चाहिए. पुलवामा जैसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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