(श्रुति भारद्वाज)
नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) दिल्ली मेट्रो के निर्माण स्थलों और स्टेशन परिसरों से जुड़ी धूल प्रदूषण की शिकायतों में 2026 के पहले चार महीनों में भारी गिरावट आई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 640 से घटकर इस वर्ष मात्र 24 रह गई हैं।
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शिकायतों में गिरावट मेट्रो निर्माण क्षेत्रों और स्टेशनों में लागू किए गए धूल नियंत्रण उपायों, कड़ी निगरानी और त्वरित शिकायत निवारण प्रणाली के प्रभाव को दर्शाता है।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली में मेट्रो विस्तार कार्य तेज होने के साथ-साथ धूल प्रदूषण से संबंधित शिकायतों में लगातार वृद्धि हुई, जिसमें 2022 में 945 शिकायतें, 2023 में 1378 और 2024 में 2180 शिकायतें दर्ज की गईं।
हालांकि, आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 में शिकायतों की कुल संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आई और यह घटकर 764 रह गईं।
अधिकारी ने बताया कि इन 764 शिकायतों में से 640 शिकायतें अकेले एक जनवरी से 20 अप्रैल के बीच प्राप्त हुईं। उन्होंने कहा कि तुलनात्मक रूप से, 2026 में इसी अवधि के दौरान केवल 24 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जो डीएमआरसी परिसर में धूल प्रदूषण को लेकर जनता की शिकायतों में उल्लेखनीय कमी दर्शाती हैं।
अधिकारी ने कहा, ‘‘इस तरह की शिकायतों से निपटने और प्रदूषण मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए, डीएमआरसी ने अपने पूरे नेटवर्क में निरीक्षण और स्थलों की निगरानी को मजबूत किया।’’
उन्होंने बताया कि 2025 में कुल 1,189 निरीक्षण किए गए, जिनमें से 418 निरीक्षण एक जनवरी से 20 अप्रैल के बीच किए गए। उन्होंने बताया कि 2026 की इसी अवधि के दौरान, डीएमआरसी ने 307 निरीक्षण किए।
भाषा शफीक नरेश
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