नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मंगलवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर बड़ा राजनीतिक और सामाजिक प्रदर्शन देखने को मिला. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास से विधान भवन तक जनाक्रोश पदयात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों महिलाओं ने भाग लिया. इस दौरान पूरा मंत्रिमंडल, केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता भी मौजूद रहे.
विधान भवन के सामने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे बाधित करने का प्रयास किया. उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके पर महिला विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया.
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें उज्ज्वला, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और प्रधानमंत्री आवास योजना शामिल हैं. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन प्रदान करना है.
पदयात्रा के दौरान महिलाओं ने नारेबाजी कर विपक्ष के खिलाफ विरोध जताया और महिला अधिकारों के समर्थन में एकजुटता दिखाई. पूरे कार्यक्रम में भारी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही और इसे व्यापक जनसमर्थन का प्रदर्शन बताया गया.