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Friday, 17 April, 2026
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राहुल गांधी का परिसीमन बिल पर हमला: केंद्र पर ‘महिला आरक्षण के जरिए चुनावी नक्शा बदलने’ का आरोप

लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि विपक्ष इन तीनों विधेयकों को पारित नहीं होने देगा, और कहा कि सरकार को 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को बिना किसी देरी के लागू करना चाहिए.

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नई दिल्ली: विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि संविधान संशोधन बिल का महिलाओं के आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि यह सरकार की एक कोशिश है कि देश के चुनावी नक्शे को बदला जाए और दक्षिणी, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों से प्रतिनिधित्व छीन लिया जाए, जो “सीधे तौर पर देश विरोधी काम” है.

लोकसभा में महिलाओं के आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग बनाने से जुड़े तीन बिलों पर बहस में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, “यह महिलाओं का बिल नहीं है क्योंकि इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई संबंध नहीं है.” उन्होंने आरोप लगाया, “यह बिल देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश है, जिसमें भारत की महिलाओं को ढाल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है.”

गांधी ने कहा कि सरकार को 2023 का महिला आरक्षण कानून वापस लाकर लागू करना चाहिए और विपक्ष इसे तुरंत पास कराने में मदद करेगा.

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह ओबीसी को सत्ता और प्रतिनिधित्व देने से बच रही है, यही उसका असली एजेंडा है, और यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि अगले 15 साल तक जाति जनगणना का प्रतिनिधित्व से कोई संबंध न हो.

उन्होंने कहा, “वे अपनी ताकत कम होने से डर रहे हैं और भारतीय राजनीतिक नक्शे को बदलने की कोशिश कर रहे हैं.”

गांधी ने कहा, “सरकार दक्षिणी, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों से कह रही है कि भाजपा को सत्ता में बने रहने के लिए ‘हम आपका प्रतिनिधित्व छीन लेंगे’.”

गांधी ने कहा कि सरकार जो कर रही है, वह “सीधे तौर पर देश विरोधी काम” है.

उन्होंने कहा, “हम आपको ऐसा नहीं करने देंगे. पूरा विपक्ष इस कोशिश को नाकाम करेगा. मैं दक्षिणी, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हम सरकार को आपके प्रतिनिधित्व को छूने नहीं देंगे.”

गांधी ने कहा कि भाजपा को पता था कि यह बिल पास नहीं होगा और इसे लाना एक “घबराहट में लिया गया फैसला” है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो मकसद हैं — भारत के चुनावी नक्शे को बदलना और खुद को महिलाओं के समर्थक के रूप में दिखाना.

बालाकोट स्ट्राइक, नोटबंदी और ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में उनके बयान पर सत्ता पक्ष के हंगामे के जवाब में गांधी ने कहा, “भाजपा सोचती है कि वही भारत के लोग हैं. वे यह भी सोचते हैं कि वही सेना हैं. आप भारत के लोग नहीं हैं, आप सेना नहीं हैं, इसलिए लोगों और सेना के पीछे मत छुपिए.”

महिलाओं के आरक्षण कानून में बदलाव के लिए संविधान (131वां संशोधन) विधेयक गुरुवार को लोकसभा में वोटिंग के बाद पेश किया गया.

दो साधारण बिल — परिसीमन बिल और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल — भी सदन में पेश किए गए, ताकि दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में प्रस्तावित संशोधित महिला आरक्षण कानून को लागू किया जा सके.


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