नई दिल्ली: मध्यप्रदेश में 17 अप्रैल का दिन धार्मिक दृष्टि से खास रहा. खंडवा जिले के ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में 5 दिवसीय ‘एकात्म पर्व’ का शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर की और प्रदर्शनी का अवलोकन किया. पहले दिन संतों के प्रवचनों में एकात्मता और आत्मबोध पर विशेष जोर दिया गया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शंकराचार्य के कारण मध्यप्रदेश की धरती धन्य है और यह धाम चेतना का अद्भुत केंद्र है. उन्होंने श्रीराम, भगवान कृष्ण और आदि गुरु शंकराचार्य के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश आध्यात्मिक परंपराओं से समृद्ध है. उन्होंने सनातन संस्कृति को देने वाली परंपरा बताते हुए आत्मिक सुख को सर्वोपरि बताया.
जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि मनुष्य को अपने भीतर आत्मबोध करना चाहिए और इसी जीवन में सत्य को जानने का प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्राणी मात्र में परमात्मा का दर्शन ही एकात्मता का मार्ग है.
न्यास की न्यासी पद्मश्री निवेदिता भिड़े ने कहा कि एकात्मता ही अस्तित्व का सत्य है और हमें सभी के साथ अपनेपन का व्यवहार करना चाहिए. कार्यक्रम में कई संत और श्रद्धालु उपस्थित रहे.
