कूचबिहार (पश्चिम बंगाल): असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत का भरोसा जताते हुए टीएमसी सरकार पर राज्य में घुसपैठियों को आने देने का आरोप लगाया.
एक जनसभा में शामिल होने के बाद मीडिया से बात करते हुए सरमा ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश में आने से रोकने के लिए सीमा पर बाड़ लगाना बहुत जरूरी है.
उन्होंने कहा, “हम असम में 100 सीट और पश्चिम बंगाल में 200 सीट जीतेंगे.”
उन्होंने आगे कहा, “हमारी सिर्फ यही चिंता है कि बांग्लादेशियों को हमारे देश में क्यों आने दिया जाए. ममता बनर्जी हमें बांग्लादेशियों को रोकने नहीं देतीं. खासकर पश्चिम बंगाल में सीमा पर बाड़ लगाना बहुत जरूरी है.”
सरमा ने पश्चिम बंगाल में कथित गो-तस्करी को लेकर भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा और कहा कि बीजेपी सत्ता में आने के बाद इसे रोक देगी. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी शासित राज्यों में मांस पर कभी प्रतिबंध नहीं लगाया गया.
उन्होंने कहा, “हर दिन मां कामाख्या में पशु बलि होती है, लेकिन असम में मांस पर कोई प्रतिबंध नहीं है. ममता जी को डर है कि बीजेपी के सत्ता में आने के बाद मांस पर प्रतिबंध लग जाएगा. असम और बिहार में बीजेपी की सरकार है, लेकिन वहां मांस पर प्रतिबंध नहीं है. ममता जी को डर है कि बीजेपी आने पर उनके राज्य में गो-तस्करी बंद हो जाएगी.”
वहीं, दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर बंगाल की पहचान और संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उन्होंने पोइला बोइशाख के मौके पर राज्य के लोगों के बीच समय बिताया और उनकी सेवा करने के अपने संकल्प को दोहराया.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा कि बंगाल के लोग बीजेपी शासित राज्यों में “दुख और अपमान” झेल रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाषा, संस्कृति, खान-पान और विविधता को खत्म कर एकरूपता थोपने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने कहा, “वे सोचते हैं कि बंगाल को दिल्ली और गुजरात से नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन वे गलत हैं. बंगाल कभी झुकेगा नहीं.”
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे. राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा.
