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Saturday, 11 April, 2026
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दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव: कांग्रेस मुस्लिम नेताओं ने पार्टी प्रत्याशी को हराने की साजिश का लगाया आरोप

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बेंगलुरु, 10 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के एक दिन बाद शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस के भीतर मतभेद तब सामने आ गया, जब कुछ मुस्लिम नेताओं ने पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं पर दावणगेरे दक्षिण में आधिकारिक उम्मीदवार को हराने के लिए ‘षड्यंत्र’ रचने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि भले ही कुछ लोगों ने यह पेश करने की कोशिश की कि कांग्रेस ने मुसलमानों के साथ ‘विश्वासघात’ किया लेकिन पार्टी उम्मीदवार समर्थ मल्लिकार्जुन दावनगेरे दक्षिण में जीत हासिल करेंगे। इस निर्वाचन क्षेत्र में बड़ी संख्या में मुसलमान हैं।

विधान परिषद में पार्टी के मुख्य सचेतक सलीम अहमद, विधायकों– रिजवान अरशद, यासिर अहमद खान पठान, विधानपरिषद सदस्य बिलकिस बानो और अन्य कांग्रेस नेताओं ने यहां पार्टी कार्यालय में इस संबंध में संयुक्त प्रेस वार्ता की।

अहमद ने कहा, “यह दुखद है कि हमारी ही पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस को हराने की साजिश रची है, इसके बावजूद अल्पसंख्यकों ने कांग्रेस को वोट दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (डी.के. शिवकुमार), मुख्यमंत्री (सिद्धरमैया) और पार्टी महासचिव (रणदीप सिंह सुरजेवाला) इस बात से अवगत हैं। लोगों ने कांग्रेस, उसकी विचारधारा और उसकी पांच गारंटी योजनाओं के लिए वोट दिया है।”

उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी अल्पसंख्यक नेताओं को विश्वास में लेने और उनकी सहमति प्राप्त करने के बाद ही समर्थ मल्लिकार्जुन को टिकट दिया गया था, ‘‘लेकिन उसके बाद कुछ गलतफहमियों के कारण साजिशें रची गईं। फिर भी, मुझे विश्वास है कि कांग्रेस उम्मीदवार समर्थ जीतेंगे।’

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन मुस्लिम नेताओं ने दावणगेरे दक्षिण में ‘आंतरिक साजिश’ के प्रयासों के संबंध में कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व और राज्य पार्टी नेतृत्व से भी शिकायत की है।

हालांकि नेताओं ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे किस पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन कई पार्टी सूत्रों ने बताया कि उनका निशाना आवास मंत्री बी जेड ज़मीर अहमद खान और कुछ अन्य लोग हैं।

खान ने खुले तौर पर दावनगेरे दक्षिण सीट से मुस्लिम उम्मीदवार के लिए टिकट की मांग की थी। शुरुआत में वह केरल चुनाव संबंधी अपनी जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए इस क्षेत्र में प्रचार से दूर रहे थे।

हालांकि, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के अनुरोध पर उन्होंने समर्थ के पिता और मंत्री एसएस मल्लिकार्जुन के साथ प्रेस वार्ता की।

विधायक अरशद ने कहा कि भाजपा, एसडीपीआई और निर्दलीय विधायकों ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक व्यापक अभियान चलाया और कांग्रेस पर अल्पसंख्यकों के साथ ‘‘विश्वासघात’’ करने का आरोप लगाया। पार्टी के कुछ सदस्यों ने भी इसी तरह का प्रचार करने की कोशिश की।

बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में नौ अप्रैल को उपचुनाव हुए। ये उपचुनाव क्रमशः वरिष्ठ कांग्रेस विधायक एच वाई मेती और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के कारण कराये गये।

भाषा

राजकुमार माधव

माधव

राजकुमार

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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