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Thursday, 9 April, 2026
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BJP के बाद, असम के चुनावी माहौल में खड़गे के ‘जहरीला सांप’ बयान पर RSS ने दर्ज कराई पुलिस शिकायत

RSS दक्षिण असम में हाल ही में हुई एक चुनावी रैली के दौरान कथित तौर पर अपमानजनक, भड़काऊ और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील बयानों को लेकर कानूनी कार्रवाई चाहता है.

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की असम इकाई ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ असम में एक चुनावी रैली में दिए गए कथित हेट स्पीच को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. यह शिकायत बीजेपी द्वारा पुलिस और चुनाव आयोग में की गई शिकायत के बाद आई है. संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आरएसएस ने अपने उत्तर असम प्रांत और दक्षिण असम प्रांत के जरिए क्रमशः दिसपुर और सिलचर पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. इसमें हाल ही में दक्षिण असम में हुई एक चुनावी रैली में दिए गए कथित अपमानजनक, भड़काऊ और साम्प्रदायिक रूप से संवेदनशील बयानों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है.

शिकायत में कहा गया है कि ये बयान “हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच साम्प्रदायिक विभाजन बढ़ाने की कोशिश करते हैं, जिससे असम में शांति और सौहार्द बिगड़ सकता है और चुनावी माहौल प्रभावित हो सकता है.”

इसमें यह भी कहा गया है कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे बयान साम्प्रदायिक तनाव या झड़पों का कारण बन सकते हैं.

खड़गे ने आरएसएस और बीजेपी की तुलना एक जहरीले सांप से की. उन्होंने कहा: “कोई जहरीला सांप आपके सामने से गुजर रहा है और आप नमाज भी पढ़ रहे हैं, नमाज तोड़कर उस जहरीले सांप को मारना, यह कुरान में कहा है. और मैं यही कहूंगा, आपको नमाज तोड़ना पड़े तो भी कोई बात नहीं. ये जहरीले सांप हैं आरएसएस और बीजेपी, अगर आप इन्हें नहीं मारेंगे, तो आप कभी बच नहीं पाएंगे.”

शिकायत में लिखा है: “मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उत्तर असम प्रांत का प्रांत कार्यवाह हूं. 7 अप्रैल 2026 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने असम के श्रीभूमि जिले के नीलामबाजार में, करिमगंज दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए, राज्यभर में आरएसएस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के जीवन और स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाने के इरादे से एक अत्यंत साम्प्रदायिक बयान दिया, जहां बड़ी संख्या में एक खास समुदाय के लोग मौजूद थे.”

शिकायत में आगे कहा गया है: “उन्होंने धर्म के नाम पर वोट मांगे और नफरत फैलाते हुए कहा कि अगर नमाज के दौरान आपके सामने जहरीला सांप आ जाए तो नमाज छोड़कर पहले उसे मारना चाहिए, क्योंकि कुरान यही कहता है.”

असम में चुनाव गुरुवार को होने वाले हैं और वोटों की गिनती 4 मई को होगी. बीजेपी तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जहां मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का मुकाबला कांग्रेस नेता गौरव गोगोई से है.

शिकायत में यह भी कहा गया है कि ऐसे बयान भड़काऊ हैं और आरएसएस और बीजेपी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के खिलाफ दुश्मनी, डर और हिंसा भड़का सकते हैं, खासकर जब चुनाव प्रचार में धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल किया जा रहा हो.

बयान में कहा गया है कि आरएसएस और बीजेपी की विचारधारा को “जहरीला” बताना और उनके खत्म करने की बात करना, उनके सदस्यों और समर्थकों के खिलाफ शारीरिक नुकसान को बढ़ावा देने के रूप में देखा जा सकता है.

आरएसएस ने कहा कि लोकतांत्रिक बातचीत संविधान और कानून की सीमाओं के भीतर रहनी चाहिए और चुनाव प्रचार में ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, जो सामाजिक एकता और शांति को खतरे में डाले.

आरएसएस ने यह भी कहा कि ये बयान जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के प्रावधानों के तहत आ सकते हैं, क्योंकि इसमें भ्रष्ट चुनावी तरीकों और आपराधिक धमकी से जुड़े मुद्दे हो सकते हैं.

यह शिकायतें आरएसएस के उत्तर असम सचिव खगेन सैकिया ने दिसपुर पुलिस स्टेशन में और दक्षिण असम सचिव ज्योत्स्नामोय चक्रवर्ती ने सिलचर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराईं.

इस बीच, खड़गे ने केरल में दिए गए अपने बयान, जिसमें उन्होंने गुजरात के लोगों को “अनपढ़” कहा था, पर विवाद होने के बाद खेद जताया. उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा गुजरात के लोगों का सम्मान किया है और आगे भी करते रहेंगे.

खड़गे ने एक्स पर पोस्ट में कहा: “केरल में दिए गए मेरे हालिया चुनावी भाषण की कुछ बातों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. फिर भी, मैं इसके लिए सच्चा खेद व्यक्त करता हूं.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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