नई दिल्ली: बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने कहा कि अगले एक से दो वर्षों में राज्य में नौ नई विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं शुरू हो जाएंगी. फिलहाल पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और राजगीर में चार एफएसएल कार्यरत हैं. उन्होंने बताया कि नई लैबों की इमारत तैयार है और 102 वैज्ञानिक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.
डीजीपी पटना में आयोजित “सैटेलाइट कॉन्फ्रेंस ऑन बायोलॉजिकल साइंसेज” को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद गंभीर अपराधों में वैज्ञानिक जांच की भूमिका बढ़ी है. सात साल या उससे अधिक सजा वाले मामलों में फोरेंसिक एक्सपर्ट की उपस्थिति अनिवार्य होगी.
उन्होंने बताया कि राज्य में एफएसएल सेवाएं 800 मामलों से बढ़कर 18,000 मामलों तक पहुंच गई हैं. डीएनए जांच की बढ़ती जरूरत को देखते हुए उन्होंने तीन-चार नई डीएनए लैब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा.
