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Thursday, 9 April, 2026
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बांदा के निलंबित जेल अधीक्षक की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक

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प्रयागराज, सात अप्रैल (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बांदा के निलंबित जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

नोएडा के स्क्रैप माफिया रवींद्र सिंह उर्फ रवि काना को अदालत के आदेश के बगैर बांदा जेल से कथित तौर पर रिहा करने को लेकर गौतम के खिलाफ 29 जनवरी, को मामला दर्ज किया गया था।

अंतरिम राहत देते हुए अदालत ने पुलिस को जांच जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन अगले आदेश तक उसे संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष रिपोर्ट पेश करने से रोक दिया।

न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह ने गौतम की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। गौतम ने प्राथमिकी रद्द करने और गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग की थी।

गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार समेत सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया और सुनवाई की अगली तिथि 27 मई तय की।

जेल चौकी प्रभारी अनुराग पांडेय द्वारा गौतम के खिलाफ दो फरवरी, 2026 को बीएनएस की धारा 260(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया था। अगस्त, 2024 से बांदा जेल में निरुद्ध रवींद्र सिंह को एक अन्य मामले में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए बी-वारंट पर पेश किया गया था, लेकिन हिरासत वारंट प्राप्त किए बगैर उसे कथित तौर पर रिहा कर दिया गया था।

उच्च न्यायालय ने एक अप्रैल को अपने आदेश में कहा, “इस मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए और मौजूदा याचिका के पक्ष में याचिकाकर्ता के वकील द्वारा दी गई दलील पर गौर करते हुए एक अंतरिम उपाय के तौर पर याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक रहेगी।”

उच्च न्यायालय ने कहा, “ हम यह निर्देश देते हैं कि संबंधित अपराध संख्या के मामले में जांच जारी रहेगी, लेकिन जांच अधिकारी मौजूदा याचिका लंबित रहने तक संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष पुलिस रिपोर्ट दाखिल नहीं करेंगे।”

भाषा सं राजेंद्र

राजकुमार

राजकुमार

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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