नई दिल्ली: पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार ने साफ किया है कि देश में LPG की कोई कमी नहीं है और सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देशभर में कहीं भी LPG वितरण केंद्रों या पेट्रोल पंपों पर “ड्रायआउट” (ईंधन खत्म होने) की स्थिति सामने नहीं आई है.
अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में उन्होंने बताया कि बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कल 6500 टन कमर्शियल LPG की बिक्री की गई. इसके अलावा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पिछले चार दिनों में 1300 जागरूकता कैंप आयोजित किए, जिनमें 5 किलो वाले सिलेंडर की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी गई. इन कैंपों के जरिए कुल 10,005 सिलेंडर बेचे गए.
उन्होंने कहा, “देशभर में पेट्रोल पंप सामान्य रूप से चल रहे हैं और LPG की आपूर्ति भी सुचारू है. लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.”
इससे पहले पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें राज्यों को निर्देश दिया गया कि घरेलू और जरूरी जरूरतों के लिए LPG वितरण को प्राथमिकता दी जाए. साथ ही जमाखोरी, कालाबाजारी और अफवाह फैलाने पर कड़ी नजर रखने को कहा गया.
राज्यों ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रवासी कामगारों के लिए फ्री ट्रेड LPG (FTL) की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है और सप्लाई सामान्य बनी हुई है. जरूरत के अनुसार 5 किलो FTL सिलेंडर का वितरण स्थानीय स्तर पर किया जा सकता है.
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार 23 मार्च 2026 से अब तक देशभर में लगभग 6.75 लाख 5 किलो FTL LPG सिलेंडर बेचे गए हैं. सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 550 से अधिक जागरूकता कैंप लगाए, जहां 6700 से ज्यादा सिलेंडर बेचे गए.
मंत्रालय ने बताया कि 1 मार्च 2026 से अब तक 18 करोड़ से अधिक घरेलू LPG सिलेंडर की डिलीवरी की जा चुकी है. ऑनलाइन बुकिंग लगभग 97 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि DAC (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) आधारित डिलीवरी करीब 90 प्रतिशत हो गई है, जिससे सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने में मदद मिल रही है.
सरकार ने कहा कि देश में LPG की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह या गलत जानकारी पर ध्यान न दें.
