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Saturday, 11 April, 2026
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‘ट्रंप अपनी कड़वी हार को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं’: ईरान का अमेरिका पर पलटवार

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बचाव अभियान में शामिल एक अमेरिकी विमान को मार गिराया.

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तेहरान [ईरान]: ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फाघरी ने रविवार को दावा किया कि दक्षिणी इस्फहान में अमेरिका को “कड़वी हार” का सामना करना पड़ा, जब राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दूसरे F-15 क्रू मेंबर को बचा लिया है, जो ईरान द्वारा जेट गिराए जाने के बाद लापता हो गया था.

जहां राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे अमेरिकी सेना का “सबसे साहसी” सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन बताया और कहा कि सरकार “किसी भी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ेगी”, वहीं ईरान ने इसे अपनी जीत बताया और कहा कि उसने ऑपरेशन में शामिल एक C-130 क्लास विमान को मार गिराया.

प्रेस टीवी के अनुसार, जुल्फाघरी ने कहा, “दक्षिणी इस्फहान में अमेरिकी हमलावरों के खिलाफ ईरानी बलों की बहादुरी भरी कार्रवाई अमेरिकी सेना की खोखली हकीकत और उसकी अपमानजनक हार को दिखाती है. ट्रंप अपनी कमजोर सेना की हार को छुपाने के लिए जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “हम पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि हमारी सेना के बहादुर जवान, भगवान की मदद से, किसी भी हमलावर को खत्म कर देंगे और उन्हें पूरी तरह कुचल देंगे. दक्षिणी इस्फहान में ईरानी बलों की निर्णायक जीत इसका साफ उदाहरण है.”

यह तब सामने आया जब ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस बचाव अभियान को अमेरिका की जीत बताया. उन्होंने यह भी कहा कि बचाए गए क्रू मेंबर को चोटें आई हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा, “हमने उसे बचा लिया. मेरे प्यारे अमेरिकियों, पिछले कुछ घंटों में अमेरिकी सेना ने अपने इतिहास के सबसे साहसी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक को अंजाम दिया. हमारे एक बहादुर क्रू मेंबर अधिकारी, जो एक सम्मानित कर्नल भी हैं, अब सुरक्षित हैं. यह बहादुर सैनिक ईरान के पहाड़ों में दुश्मन के इलाके में था और दुश्मन उसके करीब पहुंच रहे थे, लेकिन वह कभी अकेला नहीं था क्योंकि उसके कमांडर इन चीफ, रक्षा मंत्री, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन और साथी सैनिक लगातार उसकी लोकेशन पर नजर रख रहे थे और उसकी बचाव योजना बना रहे थे.”

उन्होंने कहा कि दूसरे बचाव अभियान के लिए अमेरिकी सेना ने “दुनिया के सबसे घातक हथियारों” से लैस कई विमान भेजे, क्योंकि स्थानीय ईरानी समूहों ने दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को निशाना बनाया था.

ट्रंप ने कहा, “मेरे निर्देश पर अमेरिकी सेना ने दर्जनों विमान भेजे ताकि उसे वापस लाया जा सके. उसे चोट लगी है, लेकिन वह ठीक हो जाएगा. यह चमत्कारी ऑपरेशन कल एक और पायलट को बचाने के बाद हुआ, जिसकी हमने पुष्टि नहीं की थी ताकि दूसरे ऑपरेशन को खतरा न हो. यह पहली बार है जब दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग दुश्मन के इलाके से बचाया गया है. हम कभी भी अपने सैनिकों को पीछे नहीं छोड़ेंगे.”

उन्होंने आगे कहा, “हमने यह दोनों ऑपरेशन बिना किसी अमेरिकी के मारे जाने या घायल हुए पूरा किया, जो दिखाता है कि हमने ईरान के आसमान में पूरी तरह बढ़त हासिल कर ली है. यह ऐसा पल है जिस पर हर अमेरिकी को गर्व होना चाहिए. हमारे पास दुनिया की सबसे बेहतरीन और ताकतवर सेना है. भगवान अमेरिका और हमारे सैनिकों की रक्षा करे और सभी को ईस्टर की शुभकामनाएं.”

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बचाव अभियान में शामिल एक अमेरिकी विमान को मार गिराया.

अल जजीरा के अनुसार, ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने एक खेत से उठते धुएं की तस्वीर साझा की है.

अमेरिका और ईरान दोनों ही लापता क्रू मेंबर की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे. इस दौरान, CNN के अनुसार, ईरानी कबीलों के लोगों ने अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर गोलीबारी की.


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