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Thursday, 9 April, 2026
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काशी में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य: CM योगी और MP के CM मोहन यादव हुए शामिल

‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को मजबूत करता आयोजन, काशी और उज्जैन के सांस्कृतिक संबंध को किया रेखांकित.

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वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य कार्यक्रम में शामिल हुए. इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी की धरा पर सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य का मंचन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा का उत्कृष्ट उदाहरण है. उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने मां गंगा के तट पर स्थित बाबा विश्वनाथ की पावन धरा को महाकाल की नगरी उज्जैन से सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का कार्य किया है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, सांस्कृतिक विभाग के पदाधिकारियों और सभी कलाकारों का काशी में स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन भारतीय संस्कृति और परंपरा के महानायक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है.

उन्होंने काशी और उज्जैन के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में जैसे भगवान राम-लक्ष्मण और श्रीकृष्ण-बलराम की जोड़ियां आदर्श मानी जाती हैं, उसी प्रकार नाथ संप्रदाय में संत भर्तृहरि और सम्राट विक्रमादित्य की जोड़ी भी प्रसिद्ध है. सम्राट विक्रमादित्य की कर्मस्थली उज्जैन रही, जबकि संत भर्तृहरि की साधनास्थली काशी के गंगा तट के पार स्थित है. उन्होंने बताया कि चुनार किला भी संत भर्तृहरि के तप और आशीर्वाद से जुड़ा है, जिसका सौंदर्यीकरण और संरक्षण उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कराया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन भारतीय कालगणना की नगरी उज्जैन और पंचांग निर्माण की नगरी काशी का संगम है, जो भारत की प्राचीन कालगणना परंपरा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में सहायक होगा. उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के पारंपरिक ज्ञान, योग और आयुष जैसी विधाओं को वैश्विक पहचान मिली है. वर्ष 2019 में प्रयागराज में आयोजित भव्य कुंभ में दुनिया भर से 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जो भारत की सांस्कृतिक शक्ति का उदाहरण है.

सीएम योगी ने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के बाद देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु हर वर्ष यहां आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि अयोध्या के पुनरुत्थान में भी सम्राट विक्रमादित्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी. लगभग 2000 वर्ष पूर्व अयोध्या नगरी की खोज का कार्य सम्राट विक्रमादित्य ने किया और भगवान श्रीराम के पुत्र लव के बाद सबसे पहले श्रीराम मंदिर का निर्माण भी उन्होंने ही कराया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इन प्रयासों को आगे बढ़ाया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने इस महानाट्य को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम बताया. उन्होंने कहा कि नाटक, कला और सिनेमा समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं और कलाकारों द्वारा निभाए गए सकारात्मक पात्र युवाओं के लिए प्रेरणा बनते हैं. उन्होंने फिल्म निर्माताओं से अपील की कि सकारात्मक चरित्रों को नायक के रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित यह नाट्य रूपांतरण भारतीय संस्कृति, पराक्रम, दानवीरता, न्याय व्यवस्था और सुशासन जैसे मूल्यों को पुनर्जीवित करने का प्रयास है. उन्होंने इस आयोजन के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, संस्कृत विभाग और सभी कलाकारों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

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