नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता आतिशी ने शुक्रवार को अपने ही पार्टी सहयोगी और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की चुप्पी पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में बड़े संकट और एलपीजी गैस की भारी कमी जैसे मुद्दों पर चड्ढा आवाज नहीं उठा रहे हैं.
आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा, “मेरे राघव चड्ढा से कुछ सवाल हैं. आज देश एक बड़े संकट से गुजर रहा है. हमारे संविधान पर गंभीर खतरा है. पश्चिम बंगाल का चुनाव चुनाव आयोग के खुले दुरुपयोग से छीना जा रहा है, फिर भी आप इस पर कोई सवाल क्यों नहीं उठा रहे? क्या आप बोलने से डर रहे हैं?”
उन्होंने आगे कहा, “जब टीएमसी और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव ला रहे हैं, तब आप उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर रहे हैं.”
आर्थिक मुद्दों का जिक्र करते हुए आतिशी ने कहा, “आज आम आदमी के सामने सबसे बड़ा संकट एलपीजी गैस की कमी है. आप प्रभावशाली व्यक्ति हैं, इसलिए शायद आपको इन परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता, लेकिन एक आम नागरिक अपने बच्चे के लिए खाना बनाने में भी संघर्ष कर रहा है.”
उन्होंने कहा, “आज देश के हर व्यक्ति को तय करना होगा कि वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ा है या संविधान और लोकतंत्र के साथ.”
इस बीच, AAP नेता अनुराग ढांडा ने भी राघव चड्ढा पर निशाना साधा. ढांडा ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि चड्ढा पिछले कुछ वर्षों से डरे हुए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने से हिचकते रहे हैं.
इससे पहले, पार्टी द्वारा राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने AAP पर सीधा हमला बोला था. उन्होंने कहा कि संसद में उनकी चुप्पी को हार नहीं समझा जाना चाहिए. एक्स पर पोस्ट में चड्ढा ने पूछा कि उन्हें संसद में बोलने से क्यों रोका जा रहा है.
उन्होंने कहा, “जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता से जुड़े मुद्दे उठाता हूं. क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई गलती की है?”
चड्ढा ने आरोप लगाया, “AAP ने राज्यसभा सचिवालय को बताया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोका जाए. हां, AAP ने संसद को सूचित किया है कि राघव चड्ढा को बोलने का मौका न दिया जाए.”
गुरुवार को AAP ने राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र भेजकर बताया कि अशोक कुमार मित्तल राज्यसभा में AAP के नए उपनेता होंगे. मित्तल ने इस पद पर राघव चड्ढा की जगह ली है.
राघव चड्ढा अप्रैल 2022 से सांसद हैं और संसद में कई मुद्दे उठाने को लेकर चर्चा में रहे हैं. पिछले महीने उन्होंने “सरपंच पति” या “पंचायत पति” की प्रथा पर चिंता जताई थी, जिसमें आरक्षित सीट पर चुनी गई महिला प्रतिनिधि की जगह वास्तविक अधिकार उनके पुरुष रिश्तेदार इस्तेमाल करते हैं.
उन्होंने सरकार से आग्रह किया था कि 73वें संविधान संशोधन के तहत स्थानीय निकायों में चुनी गई महिलाओं को वास्तविक अधिकार मिलना सुनिश्चित किया जाए.
