पटना, 31 मार्च (भाषा) बिहार पुलिस ने मंगलवार को राज्य सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति के दस्तावेज, भारी नकदी और कीमती सामान बरामद किए।
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) द्वारा जारी बयान के अनुसार, छापेमारी के दौरान महंगी गाड़ियां और घड़ियां भी जब्त की गयीं।
इकाई ने रविवार को दोनों अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोप में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की थीं।
आरोपी अधिकारियों में किशनगंज के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) गौतम कुमार और सहरसा जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के निदेशक वैभव कुमार शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि पटना स्थित विशेष सतर्कता अदालत से वारंट मिलने के बाद दोनों आरोपियों के छह-छह ठिकानों पर छापेमारी की गई।
बयान के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पाया गया कि गौतम कुमार ने अपनी घोषित आय से 60.27 प्रतिशत अधिक संपत्ति कथित तौर पर अर्जित की जबकि वैभव कुमार के पास ज्ञात आय से 78.03 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिली।
बयान में बताया गया, “गौतम कुमार के पूर्णिया स्थित आवास से 25 भूखंडों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए, जिन्हें संदिग्ध बेनामी संपत्ति माना जा रहा है। इनमें लगभग 3,600 वर्गफुट क्षेत्र में बना चार मंजिला मकान भी शामिल है, जिसकी कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।”
जांचकर्ताओं को बीमा और वित्तीय संस्थानों में निवेश के रिकॉर्ड, निर्माण सामग्री से जुड़े एक करोड़ रुपये से अधिक के बिल, लग्जरी घड़ियां और महंगे वाहनों के दस्तावेज भी मिले।
गौतम के सरकारी आवास से 1.37 लाख रुपये नकद और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए।
अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक चाय बागान और नोएडा व गुरुग्राम में संपत्तियों से जुड़ी जानकारियां भी मिली हैं।
जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया कि गौतम कुमार के कोयला, शराब और लॉटरी माफिया तथा ठेका तस्करों से कथित तौर पर संबंधों के संकेत मिले हैं।
बयान के अनुसार, इस मामले में गौतम की पत्नी, सास और एक मित्र को भी सह-आरोपी बनाया गया है।
बयान के मुताबिक, मित्र के आवास से सात भूखंडों के दस्तावेज और करीब 60 लाख रुपये के आभूषण जब्त किए गए।
कुमार द्वारा उसके बैंक खाते में नकद जमा और ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाने के साक्ष्य भी मिले हैं।
बयान में बताया गया कि वैभव कुमार के मामले में बीमा और पेंशन योजनाओं में निवेश के रिकॉर्ड, बैंक खाते में 20 लाख रुपये से अधिक की जमा राशि और परिवार के सदस्यों के नाम पर मुजफ्फरपुर व पटना में 16 भूखंड खरीदने के प्रमाण मिले। पुलिस के मुताबिक, मुजफ्फरपुर में करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से बना एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, वाहन संबंधी दस्तावेज बरामद किये गये।
ईओयू ने बताया कि दो वाहनों से संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। बयान में बताया गया कि शैक्षणिक संस्थान चलाने के लिए एक चैरिटेबल ट्रस्ट भी बनाया गया था, जिसमें कुमार के पिता प्रबंधक हैं।
ईओयू ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
भाषा कैलाश जितेंद्र
जितेंद्र
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
