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Tuesday, 31 March, 2026
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पड़ोसी देश असम को तोड़ना चाहते थे, लेकिन मोदी सरकार ने उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया: फडणवीस

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डिब्रूगढ़/जोरहाट, 31 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को दावा किया कि भारत के पड़ोसी देश असम में पहले व्याप्त अशांति का फायदा उठाकर उसे “तोड़ना चाहते थे”, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने क्षेत्र में शांति कायम की, जिससे उनके “सपने चकनाचूर हो गए।”

फडणवीस ने एक चुनावी रैली में कहा कि असम में उग्रवाद समाप्त हो गया है और विभिन्न समूहों के साथ हुए शांति समझौतों में दिए गए 92 फीसदी आश्वासनों को पहले ही लागू किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार ने न केवल विकास सुनिश्चित किया है, बल्कि राज्य की पहचान की भी रक्षा की है।

फडणवीस ने कांग्रेस पर असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र की अनदेखी करने तथा उनके प्रति “सौतेला रवैया” अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र को विकास के केंद्र में रखा है।

डिब्रूगढ़ से भाजपा उम्मीदवार प्रशांत फुकन के समर्थन में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा, “असम में पहले व्याप्त अशांति के कारण पड़ोसी देशों को लगा था कि वे एक दिन राज्य को तोड़ देंगे। लेकिन मोदी जी ने उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया और आज असम तेजी से तरक्की कर रहा है।”

फडणवीस ने भाजपा सरकार को उग्रवादी समूहों को मुख्यधारा में लाने का श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि इन समूहों के साथ न केवल शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, बल्कि उन्हें दिए गए 92 फीसदी आश्वासनों को भी लागू किया गया।

फडणवीस ने कहा, “बाकी आठ प्रतिशत वादों को पूरा करने के लिए भी काम जारी है।”

उन्होंने राज्य सरकार की ओर से किए गए विभिन्न कल्याणकारी उपायों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि केंद्र की नीति के अनुरूप महिला सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

फडणवीस ने कहा, “मोदी सरकार में महिलाओं को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। 2029 में संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 फीसदी आरक्षण लागू होने के बाद ‘महिला राज’ होगा।”

जोरहाट से भाजपा उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी के समर्थन में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए फड‍णवीस ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में असम में घुसपैठ चरम पर थी।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा, “लोगों को इसके (घुसपैठ) खिलाफ आंदोलन शुरू करना पड़ा और कई लोग शहीद हो गए। लेकिन घुसपैठ नहीं रुकी और राज्य अशांति की आग में झुलसता रहा। वह एक पूर्ण जनसांख्यिकीय बदलाव के कगार पर जा पहुंचा था।”

उन्होंने दावा किया, “लेकिन मोदीजी के सत्ता में आने के बाद स्थिति बदल गई। घुसपैठ रुक गई और राज्य के लगभग सभी उग्रवादी समूह मुख्यधारा में लौट रहे हैं।”

फडणवीस ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के तहत असम की जनसांख्यिकी बदल जाती और राज्य का इतिहास भी बदल सकता था।

उन्होंने कहा, “लेकिन मोदी सरकार न केवल विकास के लिए काम करती है, बल्कि राज्य की पहचान, संस्कृति, इतिहास और परंपरा की रक्षा भी करती है।”

फडणवीस ने कहा कि भाजपा नीत सरकार ने राज्य में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास सुनिश्चित किया है।

जागीरोड में टाटा समूह की सेमीकंडक्टर इकाई का जिक्र करते हुए फडणवीस ने कहा, “यह मोदीजी की ओर से असम को दी गई एक सौगात है। इससे राज्य को वैश्विक मानचित्र पर जगह बनाने में मदद मिलेगी।”

उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर बनाने की क्षमता रखने वाले देश भविष्य में अग्रणी होंगे और भारत इन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है।

फडणवीस ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने पूर्वोत्तर के प्रति हमेशा “सौतेला रवैया” अपनाया, जिसके कारण क्षेत्र में ज्यादा विकास नहीं हो सका और यह अशांति में उलझा रहा।

फडणवीस ने कांग्रेस पर पश्चिम एशिया में जारी संकट के दौरान “राष्ट्र-विरोधी रुख” अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी रसोई गैस और ईंधन की उपलब्धता को लेकर झूठे संदेह पैदा करके लोगों में असंतोष पैदा करने की कोशिश कर रही है।

फडणवीस ने कहा, “हम भी विपक्ष में रहे हैं, लेकिन हमने कभी इस तरह का शर्मनाक आचरण नहीं किया।”

जोरहाट से कांग्रेस उम्मीदवार गौरव गोगोई पर कटाक्ष करते हुए फडणवीस ने कहा, “जो लोग लोकसभा में हैं, उन्हें वहीं रहना चाहिए। भाजपा फिर सत्ता में आएगी और उनके लिए यहां कोई भूमिका नहीं बचेगी।”

गोगोई लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता भी हैं।

भाषा पारुल नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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