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Monday, 30 March, 2026
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‘बस्तर से नक्सलवाद लगभग खत्म, क्षेत्र अब विकास की राह पर’ —लोकसभा में अमित शाह

लोकसभा में वामपंथी उग्रवाद से देश को मुक्त करने के प्रयासों पर चर्चा का जवाब देते हुए अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा और पूछा कि उसके शासन के दौरान आदिवासी समुदाय विकास से "वंचित" क्यों रहे.

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नई दिल्ली: यह कहते हुए कि मोदी सरकार ने वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में विकास लाने के लिए कई कदम उठाए हैं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि बस्तर से नक्सलवाद लगभग खत्म हो चुका है और क्षेत्र अब विकास के रास्ते पर है.

लोकसभा में वामपंथी उग्रवाद से देश को मुक्त करने के प्रयासों पर चर्चा का जवाब देते हुए अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा और पूछा कि उसके शासन के दौरान आदिवासी समुदाय विकास से “वंचित” क्यों रहे.

गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर के लोग विकास के मानकों में पीछे रह गए क्योंकि “लाल आतंक की छाया” वहां मंडरा रही थी.

उन्होंने कहा, “आज बस्तर से नक्सलवाद लगभग खत्म हो चुका है. बस्तर के हर गांव में स्कूल स्थापित करने का अभियान चलाया गया. क्षेत्र के हर गांव में राशन की दुकान खोलने का अभियान चलाया गया. हर तहसील और पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्थापित किए गए. लोगों को आधार कार्ड और राशन कार्ड दिए गए हैं, और अब उन्हें पांच किलोग्राम खाद्यान्न मिल रहा है.”

उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ उन लोगों से पूछना चाहता हूं जो यहां नक्सलवाद के समर्थन में बोल रहे थे: लोगों को ये लाभ अब तक क्यों नहीं मिले?… बस्तर के लोग इसलिए पीछे रह गए क्योंकि ‘लाल आतंक’ की छाया क्षेत्र पर छाई हुई थी. इसलिए विकास वहां नहीं पहुंच पाया. आज वह छाया हट गई है और बस्तर अब विकास के रास्ते पर है.”

अमित शाह ने कहा कि हिंसा का कोई औचित्य नहीं हो सकता और मांगें संवैधानिक तरीकों से उठाई जानी चाहिए.

उन्होंने कहा, “आजादी के 75 सालों में से 60 साल तक सत्ता आपके (कांग्रेस) पास रही. फिर आज तक आदिवासी समुदाय विकास से वंचित क्यों रहे? अब, नरेंद्र मोदी के आने के बाद ही असली विकास हो रहा है. साठ साल तक आपने उन्हें घर नहीं दिए, साफ पानी की सुविधा नहीं दी, उनके लिए स्कूल नहीं बनाए, मोबाइल टावर और बैंकिंग सुविधाएं उनके क्षेत्रों तक पहुंचने से रोका, और अब आप ही जवाबदेही मांग रहे हैं?”

गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के कारण बारह करोड़ लोग वर्षों तक गरीबी में रहे और हजारों युवाओं की जान गई.

उन्होंने कहा, “नक्सलवाद की जड़ विकास की मांग नहीं है. यह एक विचारधारा है—एक ऐसी विचारधारा जिसे इंदिरा जी ने 1970 में राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए अपनाया था. इसी वामपंथी विचारधारा के कारण नक्सलवाद फैला.”

उन्होंने कहा, “बारह राज्य—छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, बंगाल, केरल, कर्नाटक के कुछ हिस्से, और उत्तर प्रदेश के तीन जिले—प्रभावित थे. एक पूरा ‘रेड कॉरिडोर’ बन गया था, और वहां कानून का शासन खत्म हो गया था. बारह करोड़ लोग वर्षों तक गरीबी में रहे, और किसी ने चिंता नहीं की. हजारों युवाओं की जान गई. कई लोग स्थायी रूप से विकलांग हो गए. इसके लिए जिम्मेदार कौन है?”

लोकसभा ने दिन में पहले वामपंथी उग्रवाद से देश को मुक्त करने के प्रयासों पर चर्चा शुरू की.

सरकार ने कहा है कि इस साल 31 मार्च तक नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाएगा.


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