नई दिल्ली: मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) को एक प्रभावी आर्थिक मॉडल के रूप में विकसित किया गया है.
यह मॉडल स्थानीय उत्पादों को सिर्फ पहचान नहीं देता, बल्कि उन्हें उत्पादन, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार से जोड़ता है. प्रदेश के 50 से अधिक जिलों की विशिष्ट उत्पादकता को वैल्यू चेन आधारित दृष्टिकोण से मजबूत किया गया है. श्योपुर का अमरूद, झाबुआ का कड़कनाथ, ग्वालियर का सैंडस्टोन और अशोकनगर की चंदेरी हैंडलूम जैसे उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जा रहा है.
इस पहल से कारीगरों, किसानों और सूक्ष्म उद्यमियों को स्थायी आय और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं. मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर सिल्वर अवॉर्ड भी मिल चुका है. 31 मार्च को वाराणसी में आयोजित एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में इस प्रभावी मॉडल और अनुभव को साझा किया जाएगा.
