शिमला, 27 मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को कहा कि मादक पदार्थ के कारोबार में शामिल पाए जाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।
विधानसभा में पुलिस और संबंधित विभागों के लिए अनुदान की मांगों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर द्वारा लाए गए कटौती प्रस्ताव का जवाब देते हुए सुक्खू ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां कानून के अनुसार काम कर रही हैं और सरकार अपराध के खिलाफ कार्रवाई करना जारी रखेगी तथा भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
कटौती प्रस्ताव पर चर्चा शुरू करते हुए विपक्ष के नेता ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है। उन्होंने कहा कि स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम मामलों में तेजी से वृद्धि और अधिक संख्या में आरोपियों की गिरफ्तारी से संकेत मिलता है कि बहुत अधिक लोग मादक पदार्थ से जुड़े हैं।
पिछले तीन वर्षों में ‘‘ओवरडोज’’ से 66 लोगों की मौत और इसी अवधि में एनडीपीएस के 6,246 मामले दर्ज होने पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने सरकार पर मादक पदार्थ और खनन माफिया सहित अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने दावा किया कि मादक पदार्थ के व्यापार से निपटने के लिए गठित विशेष कार्यबल के सदस्य खुद इस व्यापार में शामिल पाए गए हैं। ठाकुर ने अपने आरोपों को पुष्ट करने के लिए हत्या, अपहरण और संगठित गिरोहों द्वारा दी गई धमकियों की घटनाओं का भी जिक्र किया और राज्य में लापता हुए 1,534 लोगों के बारे में चिंता व्यक्त की।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा को यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में लापता व्यक्तियों के 1,500 से अधिक मामले सामने आए हैं।
बदसर से भाजपा विधायक इंदर दत्त लखनपाल के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सुक्खू ने कहा कि हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, मुंडी, सोलन, कांगड़ा और ऊना जिलों में लापता व्यक्तियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि 31 जनवरी 2026 तक राज्य में कुल 1,534 व्यक्तियों के लापता होने के मामले दर्ज किए गए हैं।
भाषा यासिर गोला
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