काठमांडू/नई दिल्ली: बालेन्द्र शाह ‘बालेन’ ने शुक्रवार को नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने उन्हें संविधान के अनुच्छेद 76(1) के तहत पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति कार्यालय में आयोजित हुआ, जिसमें उपराष्ट्रपति राम सहाय प्रसाद यादव, मुख्य न्यायाधीश प्रकाश मान सिंह राउत, नेशनल असेंबली के अध्यक्ष नारायण प्रसाद दहाल, पूर्व प्रधानमंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कूटनीतिक समुदाय के प्रतिनिधि मौजूद रहे.
35 वर्षीय बालेन शाह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्रियों में शामिल हो गए हैं. इससे पहले वह 2022 में काठमांडू के मेयर चुने गए थे. स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ते हुए उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक दलों को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की थी.
हाल ही में हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) 182 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. इसके बाद नेपाली कांग्रेस को 38 सीटें, सीपीएन-यूएमएल को 25 सीटें और अन्य दलों को सीटें मिलीं. संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में कुल 275 सदस्य होते हैं, जिनमें 165 सदस्य प्रत्यक्ष चुनाव और 110 सदस्य समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत चुने जाते हैं.
इस बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालेन शाह को प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी. पीएम मोदी ने कहा कि यह नियुक्ति नेपाल की जनता के उनके नेतृत्व पर विश्वास को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल के संबंधों को और मजबूत करने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे, जिससे दोनों देशों के लोगों को लाभ मिलेगा.
नेपाल की नई संसद की पहली बैठक भी हाल ही में आयोजित हुई, जिसमें नव निर्वाचित सांसदों ने शपथ ली. इससे पहले सितंबर 2025 में संसद भंग कर दी गई थी. बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
