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Friday, 27 March, 2026
होमदेशहंगामे के बीच योगी सरकार ने स्टार्टअप Puch AI के साथ 25,000 करोड़ रुपये का MoU रद्द किया

हंगामे के बीच योगी सरकार ने स्टार्टअप Puch AI के साथ 25,000 करोड़ रुपये का MoU रद्द किया

बताया गया है कि योगी ने Invest UP अधिकारियों को भविष्य में बड़े MoU फाइनल करने से पहले स्टार्टअप की साख की सख्ती से जांच करने का निर्देश दिया. 2025 में शुरू हुए स्टार्टअप के साथ MoU पर विवाद हुआ था.

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप Puch AI के साथ 25,000 करोड़ रुपये का MoU रद्द कर दिया है. यह स्टार्टअप पिछले साल ही शुरू हुआ था. सोशल मीडिया पर विरोध और विपक्ष के सवालों के बीच कंपनी की इतनी बड़ी डील संभालने की क्षमता पर सवाल उठे थे.

मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने Invest UP अधिकारियों को भविष्य में बड़े MoU करने से पहले स्टार्टअप की साख की सख्ती से जांच करने का निर्देश दिया है.

उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को सोशल मीडिया पर नज़र रखने के लिए भी कहा, ताकि ऐसे विवाद दोबारा न हों. सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अगर आगे “ऐसी गलती” हुई तो अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी.

राज्य के निवेश विभाग के अनुसार, 23 मार्च को साइन किए गए MoU की सामान्य सरकारी प्रक्रिया के अनुसार समीक्षा की गई. इस दौरान निवेशक से जरूरी जानकारी मांगी गई, लेकिन कंपनी तय समय में जानकारी नहीं दे सकी.

अधिकारियों ने कहा कि जांच में पाया गया कि प्रस्तावित प्रोजेक्ट के हिसाब से कंपनी की नेट वर्थ और भरोसेमंद वित्तीय लिंक पर्याप्त नहीं थे.

UP Invest ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “पारदर्शिता और शासन में उच्च स्तर की ईमानदारी के हित में MoU रद्द किया गया है, जो उत्तर प्रदेश सरकार के मूल सिद्धांतों में शामिल है.”

योगी का ट्वीट और विवाद

यह विवाद सोमवार को शुरू हुआ, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर घोषणा की कि राज्य सरकार ने Puch AI के साथ 25,000 करोड़ रुपये का MoU साइन किया है.

अपने पोस्ट में उन्होंने उत्तर प्रदेश को एआई बेस्ड हब बनाने की योजना बताई, जिसमें एआई पार्क, बड़े डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, नागरिकों के लिए “एआई कॉमन्स” प्लेटफॉर्म और एक समर्पित एआई यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव शामिल था.

हालांकि, घोषणा के कुछ घंटों के भीतर पोस्ट पर एक कम्युनिटी नोट जोड़ दिया गया, जिसमें कहा गया कि स्टार्टअप एक साल से भी कम पुराना है और उसकी सालाना आय 50 लाख रुपये से कम है. इससे इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने की उसकी क्षमता पर सवाल उठे.

यह मामला तेज़ी से चर्चा में आ गया और सोशल मीडिया यूजर्स व विपक्ष के नेताओं ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए. यह भी सामने आया कि जून 2025 में शुरू हुई कंपनी का इस स्तर के प्रोजेक्ट को सपोर्ट करने वाला कोई सार्वजनिक वित्तीय रिकॉर्ड नहीं है.

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं ने भी इस पर सवाल उठाए.

24 घंटे के भीतर योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर साफ किया कि Puch AI के साथ MoU बाध्यकारी नहीं है और यह केवल शुरुआती व्यवस्था है. आगे की कोई भी प्रक्रिया, जैसे अनुमति या लाइसेंस, निवेशक के प्रस्ताव की पूरी जांच पर निर्भर करेगी.

दूसरी ओर, Puch AI के को-फाउंडर सिद्धार्थ भाटिया ने भी एक्स पर सफाई दी. उन्होंने कहा कि यूपी सरकार के साथ साइन किया गया MoU पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के रूप में बनाया गया है.

उन्होंने कहा कि इसमें उत्तर प्रदेश के टैक्स देने वालों पर कोई खर्च नहीं है. इसके उलट, इससे राज्य में निवेश आएगा.

भाटिया ने एक्स पोस्ट में कहा, “यह प्रोजेक्ट चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें बाहरी निवेश पार्टनर का सहयोग होगा. हमने सरकार से कोई पैसा, कोई जीपीयू या किसी तरह का अन्य सहयोग नहीं लिया है. इस MoU का नागरिकों से जुड़ा हिस्सा सिर्फ इतना है कि उन्हें एआई कॉमन्स के जरिए अपनी भाषा में और आसान इंटरफेस के साथ मुफ्त एआई सुविधा मिलेगी.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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