नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुन लिये गए, क्योंकि पार्टी के शीर्ष पद के लिए किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया।
यह चौथी बार है जब 75 वर्षीय नीतीश कुमार पार्टी प्रमुख बने हैं।
दिसंबर 2023 में लोकसभा चुनाव से पहले ललन सिंह के पद से इस्तीफा देने के बाद से ही पार्टी की कमान संभाल रहे नीतीश हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए हैं।
पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं निर्वाचन अधिकारी अनिल प्रसाद हेगड़े ने नीतीश कुमार के जद(यू) अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की और पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में जद(यू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को उनके चुनाव का प्रमाण पत्र सौंपा।
इस अवसर पर पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।
हेगड़े ने यहां नीतीश कुमार के निर्विरोध जद(यू) अध्यक्ष पद के लिए चुने जाने की घोषणा की और पार्टी नेताओं को प्रमाण पत्र सौंप दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया है, इसलिए मैं नीतीश कुमार को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित करता हूं।’’
हालांकि, नीतीश कुमार जद(यू) अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा के समय वहां मौजूद नहीं थे। उनकी गैर-मौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर, झा ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री समृद्धि यात्रा में भाग ले रहे हैं।
जद(यू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम यहां उनकी ओर से निर्वाचन अधिकारी से उनका चुनाव प्रमाण पत्र प्राप्त करने आए हैं।’’
झा ने नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने जो काम किया है, उसे राज्य के ‘स्वर्ण युग’ के रूप में याद किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘वह हमारे नेता हैं और हम उनके नेतृत्व में काम करते रहेंगे।’’
झा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि नीतीश कुमार का निर्विरोध चुनाव पार्टी कार्यकर्ताओं के अटूट विश्वास और स्नेह का प्रतीक है।
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘नीतीश कुमार का अनुभव, दूरदर्शिता और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण उन्हें देश के अग्रणी नेताओं में से एक के रूप में स्थापित करता है। उनके मार्गदर्शन में, पार्टी दृढ़ संकल्प, अटूट एकता और समावेशी विकास के सिद्धांतों के साथ न केवल बिहार बल्कि पूरे देश को एक नयी दिशा प्रदान करने के लिए काम कर रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लंबे संघर्ष के बाद जब नीतीश कुमार को 2005 में बिहार की सेवा करने का अवसर मिला, तब पूरा राज्य बदहाल स्थिति में था। उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया। नीतीश कुमार ने अपने सुशासन से बिहार को आज जिस मुकाम तक पहुंचाया है, वह राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। ’’
जद(यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने नीतीश कुमार को चौथी बार पार्टी का अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में पार्टी और मजबूत होगी तथा देश एवं समाज के प्रति अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता को नयी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाएगी।
नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को पर्चा भरा था। उनके प्रस्तावकों में शामिल संजय कुमार झा ने यहां पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में उनका नामांकन पत्र जमा कराया था। बिहार के मुख्यमंत्री नामांकन दाखिल करने के लिए दिल्ली नहीं आए थे।
इस पद के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 22 मार्च थी, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 23 मार्च को की गई।
नीतीश कुमार ने 2024 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले जद(यू) की कमान संभाली थी। राजीव रंजन सिंह ने दिसंबर 2023 में पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
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