इंदौर, 24 मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में इलाज के बहाने 30 वर्षीय महिला से दुष्कर्म करने और आपत्तिजनक तस्वीरों के जरिये उसे धमकाने के आरोप में एक चिकित्सक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि चिकित्सक की गिरफ्तारी के बाद लोगों के समूह ने उसके घर में तोड़-फोड़ की और आग लगा दी।
उन्होंने बताया कि सिलसिलेवार घटनाक्रम से जिले में आक्रोश फैलने के बाद पुलिस और प्रशासन ने अलग-अलग स्तरों पर कार्रवाई की है जिसमें चिकित्सक का क्लीनिक सील किया जाना शामिल है।
पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) उमाकांत चौधरी ने बताया कि बड़गोंदा थाने में 22 मार्च की रात प्राथमिकी दर्ज कराते हुए 30 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि वह पेट दर्द की शिकायत पर तीन-चार महीने पहले स्थानीय चिकित्सक शाहिद उर्फ सईद खान के क्लीनिक में गई थी जिसने एक इंजेक्शन लगाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं।
उन्होंने बताया कि महिला का आरोप है कि इन तस्वीरों को सार्वजनिक करने की धमकी देकर चिकित्सक उसे परेशान कर रहा था और उसने उसे पातालपानी क्षेत्र के एक रिसॉर्ट में बुलाकर उसके साथ फिर से बलात्कार किया।
चौधरी ने बताया कि महिला की शिकायत पर खान को भारतीय न्याय संहिता और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के संबद्ध प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है।
डीएसपी ने बताया,‘‘आरोपी की गिरफ्तारी के बाद लोगों के एक समूह ने उसके घर में घुसकर तोड़-फोड़ की और दरवाजे व मोटरसाइकिल में आग लगा दी।’’
उन्होंने बताया कि इस घटना को लेकर खान के एक परिजन की शिकायत पर महू पुलिस थाने में संबद्ध प्रावधानों में मामला दर्ज किया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश द्विवेदी ने बताया कि महिला से दुष्कर्म के आरोपी के पास इलेक्ट्रोहोम्योपैथी चिकित्सा की डिग्री होने की जानकारी मिली है।
उन्होंने बताया कि आरोपी के घर तोड़-फोड़ और आगजनी के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के एक समूह ने पुलिस की इस कार्रवाई पर विरोध जताते हुए चिकित्सक के घर में कथित तोड़-फोड़ और आगजनी को लेकर दर्ज प्राथमिकी को ‘झूठा’ करार दिया है।
प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे पर किशनगंज क्षेत्र में सोमवार को चक्काजाम भी किया।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे राम दांगी ने दावा किया कि दुष्कर्म के आरोपी के परिवार के लोगों ने तोड़-फोड़ और आगजनी की कहानी गढ़कर ग्रामीणों के खिलाफ साजिशन झूठा मामला दर्ज कराया है।
इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि महू के गुजरखेड़ा में खान के कथित तौर पर अवैध क्लिनिक को सील कर दिया गया है।
अनुविभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) राकेश परमार ने बताया,‘‘जांच में पाया गया कि खान इस क्लीनिक में बिना किसी मान्यताप्राप्त डिग्री और पंजीयन के एलोपैथिक पद्धति से मरीजों का इलाज कर रहा था। क्लीनिक के साथ छह बिस्तरों का छोटा अस्पताल भी संचालित किया जा रहा था।’’
उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान क्लिनिक में बिना अनुमति के एलोपैथिक दवाइयों का संग्रह भी मिला।
एसडीएम ने बताया,‘‘गंभीर गड़बड़ियों पर हमने खान के क्लिनिक को सील कर दिया है और उस पर संबद्ध प्रावधानों के तहत अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।’’ पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पातालपानी के जिस रिसॉर्ट में खान पर महिला के साथ दुष्कर्म का आरोप है, उसमें भी जांच की गई है।
अधिकारी ने बताया कि जांच में पाया गया कि रिसॉर्ट में मेहमानों के रुकने की जानकारी समुचित रूप से दर्ज नहीं की जा रही है और यह जानकारी थाने को निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध भी नहीं कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस गड़बड़ी के कारण बड़गोंदा थाने में रिसॉर्ट के संचालक आयुष वर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 (किसी लोक सेवक का विधिवत जारी आदेश नहीं मानना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अधिकारी ने बताया कि रिसॉर्ट के संचालन की अनुमति निरस्त करने के लिए संबंधित विभागों से पत्राचार किया जा रहा है।
भाषा हर्ष जितेंद्र
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