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Tuesday, 24 March, 2026
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कंबोडिया से जुड़े साइबर ठगी गिरोह का खुलासा, 11 भारतीय गिरफ्तार

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नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी और मुंबई से संचालित एक संगठित साइबर धोखाधड़ी गिरोह में संलिप्तता के आरोप में 11 जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक वरिष्ठ नागरिक से 22 लाख रुपये से अधिक की कथित रूप से ठगी की थी। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि पीड़ित के साथ निवेश पर उच्च रिटर्न का झांसा देकर ठगी की गई।

पुलिस ने बताया कि यह गिरोह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है, जो ‘म्यूल बैंक’ खातों (दूसरों के नाम पर खोले गए खातों) के जरिए साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देता था। यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय ऑपरेटरों से जुड़ा हुआ था और भारतीय नागरिकों को निशाना बना रहा था। इन ऑपरेटरों में कंबोडिया के लोग भी शामिल थे।

अधिकारी ने बताया, “दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के साइबर थाने में 21 नवंबर, 2025 को मामला दर्ज किया गया था, जब 60 वर्षीय शिकायतकर्ता ने निवेश के नाम पर 22.67 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी।”

पीड़ित को सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन के जरिए लालच दिया गया था, जिसमें वित्त मंत्री के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था और एआई-आधारित ट्रेडिंग मंच को बढ़ावा दिया गया था। इसमें उच्च रिटर्न का वादा किया गया था।

पुलिस ने बताया कि आरोपी ने शिकायतकर्ता को एक कंपनी से जुड़े खातों में पैसे स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। पैसे स्थानांतरित होने के बाद अचानक संपर्क खत्म कर दिया गया और पीड़ित को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है।

अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान, एक टीम ने आरोपियों की पहचान करने के लिए धन के लेन-देन का विश्लेषण किया, तकनीकी निगरानी की, कॉल रिकॉर्ड की जांच की और सोशल मीडिया ट्रैकिंग की।

उन्होंने बताया कि जांच में पता चला कि दिल्ली के रोहिणी और नेताजी सुभाष प्लेस से एक गिरोह सक्रिय था, जहां ‘म्यूल’ बैंक खाते खोलने और प्रबंधित करने के लिए मुखौटा कार्यालय स्थापित किए गए थे और इन स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसके बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।

पुलिस ने 40 मोबाइल फोन, 92 फर्जी सिम कार्ड, 39 पासबुक और चेकबुक, 27 एटीएम कार्ड, चार पैन कार्ड, एक लैपटॉप, एक डेस्कटॉप, पीओएस मशीनें, यूपीआई स्कैनर और बैंक खाते खोलने के लिए इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेज जब्त किए।

अधिकारी ने कहा, ‘आगे की जांच से उन और आरोपियों की गिरफ्तारी हुई जो ‘म्यूल’ खातों की सुविधा प्रदान करने और उन्हें उपलब्ध कराने में शामिल थे। धन के लेन-देन की जांच से यह भी पता चला कि लेन-देन कई स्तरों से होकर गुजरा और अंततः मुंबई के एक बैंक खाते में जमा हुआ।’

पुलिस ने राजस्थान और मुंबई में भी छापेमारी की, जहां चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन पर आरोप है कि उन्होंने अपना कामकाज राजस्थान से मुंबई स्थानांतरित कर लिया था और वे नेटवर्क के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने में शामिल थे।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान, आरोपी ने खुलासा किया कि इन ‘म्यूल’ खातों का इस्तेमाल कंबोडिया से संचालित साइबर ठगों को धन पहुंचाने के लिए किया जाता था।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान तजिंद्र सिंह (26), आशीष सैनी (24), शिव दयाल सिंह (28), शिवा (18), गिरिराज किशोर (18), प्रतिभा उर्फ पायल (25), सतीश (34), रामदेव सांगला (50), प्रवीण कुमावत (20), दीपक मेवाड़ा (35) और त्रिलोक चंद नायक (32) के रूप में हुई है।

भाषा नोमान रंजन

रंजन

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यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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