लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए उद्यमिता और रोजगार के अवसरों में तेजी आई है. राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं के कारण MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) क्षेत्र मजबूत हुआ है और यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था की धुरी बनकर उभरा है.
सरकार के अनुसार, बीते नौ वर्षों में प्रदेश में करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनसे 1 करोड़ 10 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बनने की संभावना है. इनमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं, जिससे करीब 60 लाख रोजगार के अवसर तैयार हुए हैं.
प्रदेश में वर्तमान में 96 लाख से अधिक MSME इकाइयां संचालित हो रही हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं. इस क्षेत्र के माध्यम से 3 करोड़ 11 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है. सरकार ने MSME को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने जैसे कदम उठाए हैं. ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट) योजना को MSME से जोड़ने से छोटे उद्योगों को विस्तार मिला है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ा है.
युवाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के लिए भी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 38 हजार से अधिक युवाओं को लाभ मिला है और 1097.10 करोड़ रुपये से अधिक की मार्जिन मनी वितरित की गई है. वहीं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 32,936 लाभार्थियों को 1105.49 करोड़ रुपये की सहायता दी गई, जिससे 2.63 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला.
इसके अलावा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 4.20 लाख से अधिक कारीगरों और पारंपरिक श्रमिकों को लाभ मिला है, जिससे उन्हें अपने हुनर को आगे बढ़ाने में मदद मिली है.
