भुवनेश्वर, 23 मार्च (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को राज्य विधानसभा को सूचित किया कि कंधमाल, कालाहांडी और रायगड़ा जिलों की सीमाओं से लगे क्षेत्रों में लगभग 15 माओवादी सक्रिय हैं।
उन्होंने कांग्रेस विधायक ताराप्रसाद बहिनीपति के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की सुरक्षा संबंधी व्यय (एसआरई) योजना के अनुसार, वर्तमान में राज्य में केवल कंधमाल जिले को ही वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से प्रभावित माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ अन्य जिले – बौध, बलांगीर, कालाहांडी, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर, नुआपाड़ा और रायगड़ा – को ‘लेगेसी एंड थ्रस्ट’ (एलएंडटी) जिला माना जाता है।
मुख्यमंत्री के साथ ही गृह विभाग की भी जिम्मेदारी संभाल रहे माझी ने कहा, ‘‘लेकिन असल में कंधमाल-कालाहांडी-रायगड़ा सीमा क्षेत्रों में सिर्फ 15 माओवादियों को छोड़कर राज्य के किसी अन्य हिस्से में माओवादी मौजूद नहीं हैं।”
उन्होंने कहा कि 2024 से लेकर इस वर्ष 15 मार्च तक की अवधि के दौरान राज्य में कुल 96 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।
माझी ने कहा कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए सरकार आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत वित्तीय सहायता, आवास, मासिक वजीफा देने के साथ ही अधिकतम 36 महीनों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण, विवाह सहायता और स्वास्थ्य एवं राशन कार्ड प्रदान कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक ओडिशा को पूरी तरह से माओवादियों से मुक्त बनाना है।’’
भाषा यासिर दिलीप
दिलीप
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