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Sunday, 22 March, 2026
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नीतीश कुमार के पूर्व सहयोगी केसी त्यागी JD(U) छोड़ने के कुछ ही दिनों बाद RLD में शामिल हुए

संसदीय महत्वाकांक्षाओं से जुड़ी अटकलों को संबोधित करते हुए, त्यागी ने इस बात से इनकार किया कि उनका पार्टी छोड़ना राज्यसभा में सीट पाने की इच्छा से जुड़ा था.

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नई दिल्ली: जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व नेता केसी त्यागी रविवार को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय लोक दल (RLD) में शामिल हो गए, और उन्होंने चौधरी चरण सिंह की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.

त्यागी ने कहा कि यह कदम बदलाव के बजाय निरंतरता को दर्शाता है. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि JD(U) और RLD के बीच कोई अंतर नहीं है, और उन्होंने नीतीश कुमार और चौधरी अजित सिंह के राजनीतिक रूप से एकजुट होने के पिछले प्रयासों को भी याद किया.

त्यागी ने कहा, “मैंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत लोक दल से ही की थी. यह बस उसका मूल रूप है. इसमें कुछ भी नया नहीं है. हम चौधरी चरण सिंह के अधूरे सपनों को पूरा करने में मदद करेंगे. JD(U) और RLD के बीच कोई अंतर नहीं है. एक समय था जब नीतीश कुमार और चौधरी अजित सिंह मिलकर एक पार्टी बनाने वाले थे. इन दोनों के बीच कोई अंतर नहीं है.”

त्यागी राष्ट्रीय राजधानी में RLD अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की मौजूदगी में औपचारिक रूप से RLD में शामिल हुए. JD(U) के संस्थापक सदस्यों में से एक, इस अनुभवी समाजवादी नेता ने 17 मार्च को पार्टी से इस्तीफा दे दिया था.

बुधवार को त्यागी ने कहा कि उन्होंने पार्टी के हालिया सदस्यता अभियान में हिस्सा नहीं लिया. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्यसभा सीट के बंटवारे को लेकर उनके और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच कोई निजी मनमुटाव नहीं है.

पार्टी की शुरुआत से ही उसके संस्थापक सदस्य रहे त्यागी ने कहा कि “नीतीश कुमार और बिहार JD(U) के साथ उनके रिश्ते आज भी वैसे ही हैं.”

उन्होंने कहा, “मैं जॉर्ज फर्नांडिस, शरद यादव, नीतीश कुमार और दिग्विजय सिंह के साथ जनता दल (यूनाइटेड) का संस्थापक सदस्य हूँ. मैं तब से ही पार्टी का सदस्य रहा हूँ. हालाँकि, मैंने इस सदस्यता अभियान में हिस्सा नहीं लिया.”

इस वरिष्ठ नेता ने अपनी संसदीय महत्वाकांक्षाओं से जुड़ी अटकलों पर भी बात की, और इस बात से इनकार किया कि उनका पार्टी छोड़ना राज्यसभा सीट पाने की इच्छा से जुड़ा था. त्यागी ने कहा, “ऐसा एक भी मौका नहीं आया जब मैंने राज्यसभा का टिकट पाने की कोशिश की हो. यहां तक कि 2013 में भी, नीतीश कुमार ने मुझे खुद फोन करके टिकट की पेशकश की थी.”


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